नशे की गिरफ्त से युवाओं को बाहर निकालने की मुहिम को मिला सम्मान, ‘परिवर्तन नशा मुक्ति केंद्र’ को हज़ारीबाग रत्न अवार्ड
हज़ारीबाग
नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को उपचार, मार्गदर्शन और निरंतर प्रयासों के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए परिवर्तन नशा मुक्ति केंद्र को हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘हज़ारीबाग रत्न अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।
02 अक्टूबर 2026 को टाउन हॉल, हज़ारीबाग में आयोजित जिला स्तरीय वार्षिक सम्मान समारोह एवं सम्मेलन में परिवर्तन नशा मुक्ति केंद्र के संचालक मंजित कुमार एवं ज़ीशान आलम को नशामुक्ति के क्षेत्र में उनके निरंतर प्रयासों और सामाजिक योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने कहा कि नशा आज समाज और विशेषकर युवाओं के भविष्य के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे समय में नशे की लत से जूझ रहे लोगों को केवल उपचार ही नहीं, बल्कि मानसिक सहयोग, परिवार का मार्गदर्शन और समाज में दोबारा सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है।
परिवर्तन नशा मुक्ति केंद्र इसी दिशा में नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को उपचार एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा उन्हें सामान्य सामाजिक जीवन की ओर लौटाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट के संस्थापक सह अध्यक्ष शाहिद हुसैन ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जो संस्थाएं नशे के खिलाफ जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं, उनके प्रयासों को पहचान और सम्मान मिलना आवश्यक है, ताकि दूसरे लोग भी इस अभियान से प्रेरित हों।
उन्होंने कहा, “एक युवा को नशे से बचाना केवल एक व्यक्ति को बचाना नहीं, बल्कि एक परिवार और आने वाली पूरी पीढ़ी को बचाना है।”
ट्रस्ट ने कहा कि ‘हज़ारीबाग रत्न अवार्ड’ का उद्देश्य उन व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करना है, जो बिना किसी दिखावे के समाज के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। नशामुक्ति के क्षेत्र में परिवर्तन नशा मुक्ति केंद्र के प्रयास इसी भावना का उदाहरण हैं।
हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने परिवर्तन नशा मुक्ति केंद्र के संचालक मंजित कुमार एवं ज़ीशान आलम को सम्मान के लिए बधाई देते हुए नशामुक्त हज़ारीबाग के अभियान में निरंतर सहयोग की उम्मीद जताई।
