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पूर्व मंत्री योगेंद्र साव समेत कई लोगों पर प्राथमिकी, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का आरोप

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव समेत कई लोगों के खिलाफ हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज, सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण, शादी का पंडाल लगाने के नाम पर कब्जे के प्रयास, नाली की निकासी और पेड़ों की कटाई के आरोप; कांड संख्या 260/26 के तहत पुलिस ने शुरू की जांच।

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पूर्व मंत्री योगेंद्र साव समेत कई लोगों पर प्राथमिकी, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का आरो

 

हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना में कांड संख्या 260/26 के तहत दर्ज हुआ मामला, विवादित जमीन पर कब्जे के प्रयास, नाली की निकासी और पेड़ों की कटाई को लेकर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

 

हजारीबाग। पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। दिनकर नगर और सूर्या नगर के स्थानीय लोगों की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 260/26 के तहत मामला दर्ज किया है। प्राथमिकी में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, जेसीबी मशीन के ऑपरेटर समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामला एक विवादित स्थल पर कथित अतिक्रमण, सरकारी जमीन के उपयोग, नाली के पानी की निकासी और हरे-भरे पेड़ों की कटाई से जुड़े आरोपों से संबंधित है। पुलिस ने मामले की जांच की जिम्मेदारी दारोगा खालिद इकबाल को सौंपी है। फिलहाल पुलिस प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

 

शादी का पंडाल लगाने के नाम पर जमीन पर कब्जे के प्रयास का आरोप

 

स्थानीय लोगों की ओर से दिए गए आवेदन में शहर के पूर्वी-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित एक विवादित स्थल को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई गई हैं। आवेदन के अनुसार, शादी का पंडाल लगाने के नाम पर सरकारी जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जमीन की स्थिति की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की थी।

 

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि संबंधित स्थल पर गतिविधियों के कारण सरकारी जमीन के उपयोग और उसकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि जमीन की वास्तविक स्थिति क्या है और वहां किए जा रहे कार्य नियमानुसार हैं या नहीं।

 

नाली के पानी की निकासी और पेड़ों की कटाई पर भी जताई चिंता

 

विवादित स्थल को लेकर स्थानीय लोगों ने नाली के पानी की निकासी और हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मुद्दा भी उठाया है। आवेदन में आशंका जताई गई है कि यदि नाली का पानी लगातार संबंधित जमीन पर बहता रहा, तो भविष्य में जमीन के कटाव या धंसने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों को परेशानी होने की आशंका भी व्यक्त की गई है।

 

स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से स्थल का निरीक्षण कराने, जल निकासी की स्थिति की जांच करने और पेड़ों की कटाई से जुड़े आरोपों की पड़ताल करने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले में समय रहते उचित कदम उठाया जाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

 

खास महल की जमीन पर चारदीवारी निर्माण का मामला भी उठाया

 

आवेदन में पास की खास महल की जमीन पर चारदीवारी किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। स्थानीय लोगों ने संबंधित जमीन पर अधिकार और निर्माण कार्य की वैधता को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों से जमीन के दस्तावेजों की जांच करने और यह स्पष्ट करने की मांग की है कि वहां किया जा रहा निर्माण नियमानुसार है या नहीं।

 

स्थानीय लोगों ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित विभागों से हस्तक्षेप करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया था। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।

 

बीएनएस की विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ मामला

 

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 189(2), 190(3), 191(2), 329(3), 329(4) और 351(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच दारोगा खालिद इकबाल को सौंपी गई है। पुलिस अब शिकायत में उल्लिखित तथ्यों, विवादित स्थल की स्थिति और संबंधित आरोपों की जांच करेगी।

 

फिलहाल, प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पूर्व मंत्री योगेंद्र साव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस की जांच और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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राज्य प्रभारी
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हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार, स्तंभकार एवं मीडिया कम्युनिकेशन से जुड़े पेशेवर हैं। वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हंसराज ने अपने करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की। बीते वर्षों में उन्होंने झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन, रिपोर्टिंग और ग्राउंड कवरेज किया है।उन्होंने विभिन्न चुनावों की प्रत्यक्ष एवं जमीनी रिपोर्टिंग करते हुए चुनावी माहौल, जनमत, स्थानीय मुद्दों, राजनीतिक गतिविधियों और मतदाताओं के बीच जाकर रिपोर्टिंग का अनुभव हासिल किया है। क्षेत्रीय राजनीति और जनसरोकार के मुद्दों पर उनकी रिपोर्टिंग में स्थानीय परिस्थितियों और प्रत्यक्ष अनुभवों को विशेष महत्व मिलता है। वर्तमान में वे झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 एवं क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र लेखन एवं रिपोर्टिंग कर रहे हैं। साथ ही झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में संपादकीय एवं संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दे, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक विमर्श, आदिवासी समाज, राजनीति और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। राजनीतिक संवाद एवं मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। शैक्षणिक रूप से हंसराज वर्तमान में रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। साहित्यिक अध्ययन और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का समन्वय उनके लेखन को विषयगत समझ, सामाजिक संवेदना और प्रभावी भाषा प्रदान करता है। हजारीबाग के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं और स्वतंत्र पत्रकारिता के माध्यम से झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़े विषयों को व्यापक विमर्श तक पहुंचाने के लिए सक्रिय हैं।
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