झारखंड पर चक्रवाती तूफान अर्नब का खतरा! चार दिन तक आफत की बारिश, 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
28 अक्टूबर को कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, रांची से जमशेदपुर और हजारीबाग तक बिगड़ सकता है मौसम, भारी बारिश, वज्रपात और बिजली गुल होने की आशंका
रांची। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ झारखंड के मौसम का मिजाज बिगाड़ सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में 27 से 30 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। खासकर 28 अक्टूबर को मौसम के अधिक प्रभावी रहने का अनुमान है। इस दिन हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में जनजीवन प्रभावित होने, बिजली आपूर्ति बाधित होने, सड़कों पर जलजमाव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा बढ़ सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब लगातार मजबूत हो रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, इसके 27 अक्टूबर की सुबह तक गंभीर चक्रवाती तूफान और 28 अक्टूबर की सुबह तक अति गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना जताई गई है। बांग्लादेश ने इस संभावित चक्रवाती तूफान को ‘अर्नब’ नाम दिया है। इसके प्रभाव और आगे बढ़ने की दिशा के आधार पर झारखंड में मौसम संबंधी गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, राज्य में बारिश की तीव्रता अलग-अलग जिलों में अलग-अलग रहने की संभावना है।
28 अक्टूबर को मौसम का दिख सकता है सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अक्टूबर से झारखंड के पूर्वी, दक्षिणी और मध्यवर्ती हिस्सों में बारिश शुरू हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। 28 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। राज्य के दक्षिणी, पूर्वी, मध्यवर्ती और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों के कई जिलों में मौसम प्रतिकूल रह सकता है। कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका है।
29 अक्टूबर को भी दक्षिणी, मध्यवर्ती और पूर्वोत्तर झारखंड के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं, 30 अक्टूबर को उत्तर तथा उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ जिलों में बारिश का अनुमान है। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो सकती है। खासकर ग्रामीण इलाकों, निचली बस्तियों और जलनिकासी की कमजोर व्यवस्था वाले क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है।
28 अक्टूबर को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर के लिए गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, चतरा, हजारीबाग, रांची, बोकारो, रामगढ़, गुमला, कोडरमा, खूंटी, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
ऑरेंज अलर्ट के दौरान मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है और इसका असर सामान्य गतिविधियों पर पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की जरूरत है।
27 अक्टूबर को इन जिलों में येलो अलर्ट
27 अक्टूबर को गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, रांची, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में बारिश, तेज हवा और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
28 अक्टूबर को गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद और गिरिडीह में येलो अलर्ट रहेगा। वहीं, 29 अक्टूबर को गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रांची, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।
30 अक्टूबर को पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, कोडरमा, हजारीबाग, रांची, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा और चतरा में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
60 किमी की रफ्तार से हवा, बिजली गुल होने की आशंका
बारिश के साथ तेज हवा चलने की चेतावनी ने भी चिंता बढ़ा दी है। 27 अक्टूबर को कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 28 अक्टूबर को हवा की रफ्तार बढ़कर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। 29 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
तेज हवा के कारण पेड़ों की डालियां टूटने, कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। बारिश के दौरान बिजली के तारों और खंभों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हो सकता है, जबकि ग्रामीण इलाकों में कच्ची सड़कों पर आवागमन मुश्किल हो सकता है।
निचले इलाकों में जलजमाव, किसानों की बढ़ सकती है चिंता
मौसम विभाग ने भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों, अंडरपास और सड़कों पर जलजमाव की आशंका जताई है। नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने से आसपास के निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जिन इलाकों में जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, वहां लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बारिश और तेज हवा का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा, कम दृश्यता के कारण सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। वाहन चालकों को खराब मौसम के दौरान गति नियंत्रित रखने और जलजमाव वाले रास्तों से गुजरने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की अपील, आंधी-तूफान में घरों से निकलने से बचें
मौसम की संभावित गंभीरता को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज हवा और गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूरी बनाए रखें। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में खड़े रहना खतरनाक हो सकता है।
बारिश के दौरान जलजमाव वाले रास्तों से गुजरने से बचें। बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें और जरूरत पड़ने पर बिजली का मुख्य स्विच बंद कर दें। किसानों, दोपहिया वाहन चालकों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
फिलहाल झारखंड में 27 से 30 अक्टूबर के बीच मौसम की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है। चक्रवाती तूफान की वास्तविक दिशा, तीव्रता और उससे जुड़े प्रभावों के आधार पर स्थिति में बदलाव हो सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करना चाहिए, ताकि खराब मौसम के दौरान किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।

