माउंट ओलिवेट के शिक्षक विकास राणा का निधन, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मां की मौत के कुछ दिन बाद बेटे ने भी तोड़ा दम, पीछे छोड़ गए तीन छोटे बच्चे, गांव में शोक की लहर
बरही
बरही प्रखंड के गुड़ियों निवासी विकास राणा (30 वर्ष) का निधन हो गया। बताया जाता है कि वह पिछले एक महीने से बीमार थे। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं गांव में शोक की लहर है। विकास राणा बासुदेव राणा के इकलौते पुत्र थे। वह माउंट ओलिवेट स्कूल, गुड़ियो में गणित एवं कला के शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। एक निजी विद्यालय में पढ़ाकर वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार में वही एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन से पत्नी, पिता और बच्चों के सामने जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। विकास राणा अपने पीछे दो पुत्र तथा एक पुत्री छोड़ गए हैं।
अभी कुछ दिन पहले ही उनकी मां का पेड़ गिरने से निधन हो गया था। परिवार उस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि विकास की मौत ने परिवार को एक और गहरे दुख में डाल दिया। लगातार दो दुखद घटनाओं से परिवार पूरी तरह टूट गया है। विकास राणा के निधन की खबर मिलने के बाद कई सामाजिक एवं राजनीतिक लोग उनके घर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। विकास राणा के असामयिक निधन पर लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक व्यक्त करने पहुंचे लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। तीन छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने की घटना ने सभी को भावुक कर दिया।
ग्रामीणों ने इस दुखद घड़ी में परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके प्रति सहानुभूति जताई। शोक व्यक्त करने अल्पसंख्यक कल्याण महासमिति के अध्यक्ष सह पूर्व ज़िप प्रतिनिधि मो. कैयूम, पूर्व मुखिया दशरथ यादव, पूर्व पंचायत समिति सदस्य कांति देवी, माउंट ओलिवेट स्कूल के प्रधानाचार्य विजय यादव, विद्यालय के सभी शिक्षक, कुलदीप यादव, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पंचायत समिति सदस्य रोहित कुमार यादव, सुशील यादव, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रघु मोदी, सुनील यादव, सुरेश यादव, नारायण राणा, विनोद राणा और इंदर देव राणा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और शोक व्यक्त किया।

