सीएम आदर्श उच्च विद्यालय में छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक, छेड़खानी करने वालों पर होगी कार्रवाई
इचाक :
सीएम आदर्श उच्च विद्यालय, इचाक में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को जिला प्रशासन एवं इचाक थाना की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इचाक थाना के एएसआई नंदकिशोर दास के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं को ‘नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें’ अभियान के माध्यम से नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया। साथ ही विद्यालय आने-जाने के दौरान छात्राओं के साथ हो रही छेड़खानी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों के प्रति उन्हें जागरूक किया गया।
विद्यालय परिवार ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे विद्यालय खुलने और दोपहर 3 बजे छुट्टी होने के समय कुछ मनचले युवक छात्राओं को परेशान करते हैं। आरोप है कि कुछ युवक मोटरसाइकिल पर तीन-तीन सवार होकर तेज आवाज करते हुए विद्यालय के आसपास चक्कर लगाते हैं और छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां करने के साथ अश्लील हरकतें करते हैं। इन गतिविधियों के कारण छात्राओं में भय का माहौल बना हुआ था। उन्हें विद्यालय आने-जाने के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका सताती रहती थी। छात्राएं डरें नहीं, तत्काल दें सूचना : पुलिस कार्यक्रम के दौरान एएसआई नंदकिशोर दास ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।
यदि कोई युवक छेड़खानी करता है या किसी प्रकार से परेशान करता है, तो उसकी जानकारी पुलिस को दें। आपात स्थिति में 112 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर पुलिस से सहायता ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की हरकत करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। छात्राएं निर्भीक होकर अपनी समस्याएं पुलिस के सामने रखें, ताकि समय रहते उनका समाधान किया जा सके। जागरूकता कार्यक्रम से छात्राओं का बढ़ा हौसला जिला प्रशासन एवं इचाक थाना की इस पहल से विद्यालय परिवार और छात्राओं में उत्साह बढ़ा है। विद्यालय परिवार ने कहा कि छात्राओं को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलना चाहिए। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम से असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
विद्यालय परिवार ने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के लिए इचाक थाना एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी पुलिस प्रशासन से सहयोग बनाए रखने की अपेक्षा जताई, ताकि छात्राएं निर्भीक होकर विद्यालय आ-जा सकें और शांतिपूर्ण वातावरण में अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
