लेखक विकास कुमार भकत की तीन पुस्तकों एवं ‘झारखंड प्रभा’ का होगा भव्य विमोचन
पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट
साहित्य, संस्कृति, अनुवाद और सामाजिक सरोकारों का संगम बनेगा माताजी आश्रम, हाता
साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय लेखक विकास कुमार भकत की तीन महत्वपूर्ण पुस्तकों के विमोचन का भव्य समारोह आगामी 11 अक्टूबर 2026, रविवार को दोपहर 12 बजे माताजी आश्रम, हाता में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर लेखक की दो अंग्रेजी पुस्तकों तथा एक अनूदित पुस्तक का विमोचन किया जाएगा। साथ ही झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद् की ओर से प्रकाशित वार्षिक पत्रिका ‘झारखंड प्रभा’ का भी लोकार्पण होगा।विमोचन समारोह साहित्य, संस्कृति, अनुवाद और सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर साहित्यकारों, शिक्षाविदों, लेखकों, पत्रकारों, विद्यार्थियों, बुद्धिजीवियों तथा साहित्य एवं संस्कृति प्रेमियों की उपस्थिति रहेगी।
विमोचित होने वाली तीन पुस्तकें
पहली पुस्तक डिस्टिंग्विश्ड इंडियन पर्सनैलिटीज है। यह अंग्रेजी भाषा में लिखी गई पुस्तक है, जिसमें भारत की अनेक विशिष्ट एवं प्रेरणादायी विभूतियों के जीवन, व्यक्तित्व, संघर्ष तथा राष्ट्र और समाज के प्रति उनके योगदान को प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक का उद्देश्य देश की महान विभूतियों के जीवन से पाठकों, विशेषकर नई पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करना है।
दूसरी पुस्तक लास्ट लेटर है। बिहार, कटिहार के युवा साहित्यकार, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया के धारक श्री तत्समयक मनु जी की हिंदी पुस्तक ‘दिव्यांग मास्टरजी’ का लेखक विकास कुमार भकत द्वारा किया गया अंग्रेजी अनुवाद है। इस अनुवाद के माध्यम से मूल हिंदी कृति की संवेदना, विचार और साहित्यिक भाव को अंग्रेजी भाषा के व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है।
तीसरी पुस्तक ‘गरीब, मजलूम, आदिवासी’ है। यह पुस्तक समाज के गरीब, वंचित, पीड़ित और आदिवासी समुदायों के जीवन, संघर्ष, समस्याओं तथा सामाजिक सरोकारों को केंद्र में रखती है। पुस्तक के माध्यम से समाज के उन वर्गों की आवाज और वास्तविकताओं को सामने लाने का प्रयास किया गया है, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा के विमर्श में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाता।
‘झारखंड प्रभा’ का भी होगा लोकार्पण
इस समारोह की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी होगी कि झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद् की ओर से प्रकाशित वार्षिक पत्रिका ‘झारखंड प्रभा’ का भी लोकार्पण किया जाएगा।
‘झारखंड प्रभा’ के माध्यम से झारखंड की साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना को अभिव्यक्ति देने का प्रयास किया गया है। झारखंड की लोक-संस्कृति, साहित्य, कला, भाषा, परंपरा और सामाजिक जीवन से जुड़े विविध विषयों को साहित्यिक मंच प्रदान करना इस प्रकार के प्रकाशन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
लेखक विकास कुमार भकत का मानना है कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को देखने, समझने और उसके विभिन्न पक्षों पर विचार करने का सशक्त माध्यम है। साहित्य समाज की संवेदनाओं को शब्द देता है और लोगों को अपने समय, इतिहास तथा सामाजिक परिस्थितियों के प्रति जागरूक करता है।
लेखक विकास कुमार भकत ने अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 22 पुस्तकों का लेखन किया है। उनकी पुस्तकें विभिन्न विषयों पर आधारित हैं और पाठकों के बीच उपलब्ध हैं। उनकी प्रकाशित पुस्तकों को अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराया गया है।
हाल ही में उनकी अंग्रेजी पुस्तक ‘एसेंशियल इंग्लिश वोकैबुलरी’ का प्रकाशन राइटर्स नेस्ट पब्लिकेशन , गुरुग्राम, हरियाणा से हुआ है। यह पुस्तक अंग्रेजी भाषा के शब्द-भंडार को समृद्ध करने तथा अंग्रेजी में संवाद करने की क्षमता विकसित करने में उपयोगी है। पुस्तक अमेजन और फ्लिपकार्ट पर पूरे भारत में उपलब्ध है।
विकास कुमार भकत की उक्त तीनों पुस्तकों में अलग-अलग विषयों के माध्यम से समाज और जीवन के विविध पक्षों को प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। एक पुस्तक देश की विशिष्ट विभूतियों के जीवन और योगदान पर केंद्रित है, दूसरी एक हिंदी कृति को अंग्रेजी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास है, जबकि तीसरी पुस्तक गरीब, पीड़ित और आदिवासी समाज के जीवन-संघर्ष एवं सामाजिक प्रश्नों को सामने रखती है।
साहित्यप्रेमियों से समारोह में शामिल होने की अपील
आयोजकों ने साहित्यकारों, शिक्षाविदों, लेखकों, पत्रकारों, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा साहित्य और संस्कृति के प्रति रुचि रखने वाले सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण साहित्यिक समारोह में उपस्थित होने की अपील की है।
पुस्तक का विमोचन केवल किसी साहित्यिक कृति के प्रकाशन का उत्सव नहीं, बल्कि लेखक के विचारों, अनुभवों, संवेदनाओं और सामाजिक दृष्टिकोण को समाज के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी होता है। इस दृष्टि से विकास कुमार भकत की तीन पुस्तकों तथा ‘झारखंड प्रभा’ का एक साथ विमोचन साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय आयोजन होगा।
