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भारत और अफ्रीका के लेखकों ने मिलकर लिखी ‘इंटरनेशनल इंग्लिश ग्रामर’

Suresh Mahapatra
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भारत और अफ्रीका के लेखकों ने मिलकर लिखी ‘इंटरनेशनल इंग्लिश ग्रामर’

 

Contents
भारत और अफ्रीका के लेखकों ने मिलकर लिखी ‘इंटरनेशनल इंग्लिश ग्रामर’पोटका के विकास कुमार भकत मुख्य लेखक एवं संपादक, ऑनलाइन मंचों पर उपलब्ध है पुस्तकअंग्रेजी भाषा और व्याकरण की समझ विकसित करने के उद्देश्य से पोटका प्रखंड के शंकरदा गांव निवासी लेखक एवं शिक्षाविद् विकास कुमार भकत ने ‘इंटरनेशनल इंग्लिश ग्रामर’ पुस्तक तैयार की है। इसमें भारत और अफ्रीका के लेखकों का साझा योगदान है। पुस्तक का उद्देश्य शिक्षार्थियों को अंग्रेजी व्याकरण की जानकारी देने के साथ भाषा के व्यावहारिक प्रयोग के लिए प्रेरित करना है। इस पुस्तक के मुख्य लेखक एवं संपादक विकास कुमार भकत हैं। उनके साथ बुरुंडी के चार्ल्स न्दायिजेये, नाइजीरिया के सादिक इब्राहिम सुलेमान तथा रवांडा के डैनियल म्बारुबुकेये सह-लेखक के रूप में जुड़े हैं। यह पहल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षिक सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देती है। पुस्तक में वाक्य-रचना, शब्द-भेद, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, क्रिया-विशेषण, पूर्वसर्ग और संयोजक सहित अंग्रेजी व्याकरण के विभिन्न विषयों को शामिल किया गया है। उदाहरणों और अभ्यासों के माध्यम से व्याकरण के नियमों को समझाने पर जोर दिया गया है। साथ ही, कठिन अंग्रेजी शब्दों के उच्चारण और अर्थ से संबंधित जानकारी भी दी गई है। अंग्रेजी भाषा एवं साहित्य में स्नातकोत्तर विकास कुमार भकत अब तक हिंदी और अंग्रेजी सहित विभिन्न विषयों पर 22 पुस्तकें लिख चुके हैं। वे पायनियर इंग्लिश स्कूल के संस्थापक-निदेशक और विकास एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक-अध्यक्ष हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अंग्रेजी शिक्षा के प्रसार और वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका विद्यालय झारखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित उनका विद्यालय सीमित संसाधनों के बावजूद अंग्रेज़ी भाषा के व्यावहारिक ज्ञान और संवाद-कौशल के विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास कर रहा है। विद्यालय में शिक्षक और विद्यार्थी अंग्रेज़ी में संवाद करते हैं, जिससे बच्चों को भाषा का नियमित अभ्यास करने और आत्मविश्वास के साथ बोलने का अवसर मिलता है। विद्यालय की विशेषता यह है कि बच्चे नर्सरी कक्षा से ही अंग्रेज़ी में संवाद करते हैं। उनका मानना है कि अंग्रेजी का ज्ञान शिक्षा, रोजगार, तकनीक और वैश्विक संवाद के अवसरों तक पहुंच बनाने में सहायक है। ‘इंटरनेशनल इंग्लिश ग्रामर’ अमेजन, फ्लिपकार्ट, गूगल बुक्स, गूगल प्ले स्टोर और ऑथर्स क्लिक जैसे ऑनलाइन मंचों पर वैश्विक स्तर पर उपलब्ध है। पुस्तक विद्यार्थियों, शिक्षकों और अंग्रेजी सीखने के इच्छुक लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है।

 

 

पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट

 

 

पोटका के विकास कुमार भकत मुख्य लेखक एवं संपादक, ऑनलाइन मंचों पर उपलब्ध है पुस्तक

 

 

अंग्रेजी भाषा और व्याकरण की समझ विकसित करने के उद्देश्य से पोटका प्रखंड के शंकरदा गांव निवासी लेखक एवं शिक्षाविद् विकास कुमार भकत ने ‘इंटरनेशनल इंग्लिश ग्रामर’ पुस्तक तैयार की है। इसमें भारत और अफ्रीका के लेखकों का साझा योगदान है। पुस्तक का उद्देश्य शिक्षार्थियों को अंग्रेजी व्याकरण की जानकारी देने के साथ भाषा के व्यावहारिक प्रयोग के लिए प्रेरित करना है।
इस पुस्तक के मुख्य लेखक एवं संपादक विकास कुमार भकत हैं। उनके साथ बुरुंडी के चार्ल्स न्दायिजेये, नाइजीरिया के सादिक इब्राहिम सुलेमान तथा रवांडा के डैनियल म्बारुबुकेये सह-लेखक के रूप में जुड़े हैं। यह पहल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षिक सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देती है।
पुस्तक में वाक्य-रचना, शब्द-भेद, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, क्रिया-विशेषण, पूर्वसर्ग और संयोजक सहित अंग्रेजी व्याकरण के विभिन्न विषयों को शामिल किया गया है। उदाहरणों और अभ्यासों के माध्यम से व्याकरण के नियमों को समझाने पर जोर दिया गया है। साथ ही, कठिन अंग्रेजी शब्दों के उच्चारण और अर्थ से संबंधित जानकारी भी दी गई है।
अंग्रेजी भाषा एवं साहित्य में स्नातकोत्तर विकास कुमार भकत अब तक हिंदी और अंग्रेजी सहित विभिन्न विषयों पर 22 पुस्तकें लिख चुके हैं। वे पायनियर इंग्लिश स्कूल के संस्थापक-निदेशक और विकास एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक-अध्यक्ष हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अंग्रेजी शिक्षा के प्रसार और वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
उनका विद्यालय झारखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित उनका विद्यालय सीमित संसाधनों के बावजूद अंग्रेज़ी भाषा के व्यावहारिक ज्ञान और संवाद-कौशल के विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास कर रहा है। विद्यालय में शिक्षक और विद्यार्थी अंग्रेज़ी में संवाद करते हैं, जिससे बच्चों को भाषा का नियमित अभ्यास करने और आत्मविश्वास के साथ बोलने का अवसर मिलता है। विद्यालय की विशेषता यह है कि बच्चे नर्सरी कक्षा से ही अंग्रेज़ी में संवाद करते हैं।
उनका मानना है कि अंग्रेजी का ज्ञान शिक्षा, रोजगार, तकनीक और वैश्विक संवाद के अवसरों तक पहुंच बनाने में सहायक है। ‘इंटरनेशनल इंग्लिश ग्रामर’ अमेजन, फ्लिपकार्ट, गूगल बुक्स, गूगल प्ले स्टोर और ऑथर्स क्लिक जैसे ऑनलाइन मंचों पर वैश्विक स्तर पर उपलब्ध है। पुस्तक विद्यार्थियों, शिक्षकों और अंग्रेजी सीखने के इच्छुक लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है।

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