कन्या उच्च विद्यालय परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा, छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका
रात में शराब पीने, दीवारों पर अश्लील शब्द लिखने और भवन सामग्री ले जाने का आरोप
विद्यालय प्रबंधन ने थाने में दिया आवेदन, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
राजेश सहाय
चौपारण
प्रखंड के पपरो स्थित प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय परिसर में कथित तौर पर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों से विद्यालय की सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन ने इस संबंध में चौपारण थाना प्रभारी को आवेदन देकर जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, झारखंड आंदोलनकारी एवं कॉमरेड नंदकिशोर सिंह ने जिला प्रशासन, प्रखंड प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मामले में अविलंब हस्तक्षेप करने की अपील की है।विद्यालय प्रबंधन की ओर से 12 अक्टूबर 2026 को दिए गए आवेदन के अनुसार, कुछ शरारती एवं असामाजिक प्रवृत्ति के लोग कथित तौर पर रात के समय विद्यालय परिसर में बैठकर शराब और सिगरेट का सेवन करते हैं। परिसर में शराब की बोतलें तोड़कर फेंकने तथा विद्यालय की दीवारों पर आपत्तिजनक शब्द लिखने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
इससे विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और नियमित संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है आवेदन में विद्यालय के पुराने एवं जर्जर भवन के अवशेषों से ईंट, खिड़की, छड़ आदि सामग्री को विद्यालय अवधि के बाद कुछ लोगों द्वारा ले जाने की शिकायत भी की गई है। विद्यालय प्रबंधन ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।झारखंड आंदोलनकारी नंदकिशोर सिंह ने कहा कि प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय, पपरो प्रखंड का एकमात्र कन्या उच्च विद्यालय है और इसका समृद्ध शैक्षणिक इतिहास रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यालय को पपरो में स्थापित कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। उस समय कुछ लोग विद्यालय को दूसरी जगह ले जाना चाहते थे, लेकिन प्रयासों के बाद इसे पपरो में स्थापित कराया गया। उनका उद्देश्य था कि गांव की बच्चियों को शिक्षा का बेहतर अवसर मिले और विद्यालय से गांव की पहचान बने।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यदि विद्यालय परिसर में देर रात तक शराब पीने और असामाजिक गतिविधियों का सिलसिला जारी रहता है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विद्यालय के समीप बालू डंप करने और मिक्सिंग मशीन चलने से होने वाले शोर पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, इससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि भय के कारण विद्यालय की देखरेख भी प्रभावित हो सकती है।
नंदकिशोर सिंह ने कहा कि विद्यालय परिसर में बाहरी लोगों का अनधिकृत जमावड़ा रोकना और छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने जिला प्रशासन, प्रखंड प्रशासन, पुलिस तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मामले को गंभीरता से लेकर उचित कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि गांव का नाम शिक्षा, अनुशासन और बेहतर माहौल से रोशन होता है। छात्राओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए विद्यालय परिसर की निगरानी और शिकायतों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
