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2017 से सक्रिय हंसराज चौरसिया, झारखंड पत्रकारिता की नई आवाज़

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संपादकीय-

हंसराज चौरसिया स्वतंत्र स्तंभकार और पत्रकार हैं, जो वर्ष 2017 से लगातार सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राष्ट्रीय दैनिक स्वतंत्र प्रभात से राज्य विशेष संवाददाता के रूप में की थी।आज वे झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, झारखंड न्यूज़24, अमर भास्कर और क्राफ्ट समाचार जैसे विभिन्न मीडिया मंचों से स्वतंत्र स्तंभकार के रूप में जुड़े हुए हैं। साथ ही, वे झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रमुख की ज़िम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनके लेखन की विशेषता है जन मुद्दों पर गहन विश्लेषण, लोकतांत्रिक विमर्श और सामाजिक सरोकारों की स्पष्ट अभिव्यक्ति।

रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (सत्र 2024–26) कर रहे हंसराज का मानना है कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व है। वे पत्रकारिता को समाज के हाशिये पर खड़े लोगों की आवाज़ को सत्ता और व्यवस्था तक पहुँचाने का माध्यम मानते हैं।

पत्रकारिता के साथ-साथ हंसराज ने राजनीतिक संवाद और मीडिया प्रचार के क्षेत्र में भी सक्रिय योगदान दिया है। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के लिए मीडिया रीडर के रूप में काम कर राजनीतिक पत्रकारिता और प्रचार-तंत्र को करीब से समझने का अनुभव हासिल किया। झारखंड के हजारीबाग ज़िले के बरगड्डा गाँव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं। उनकी कलम लगातार क्षेत्रीय और राष्ट्रीय प्रश्नों को छूती है और लोकतांत्रिक चेतना, सामाजिक न्याय तथा जन संवाद की दिशा में सक्रिय रहती है।

📧 ईमेल: ns4993932@gmail.com

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राज्य प्रभारी
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हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार हैं जो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की और पिछले वर्षों में झारखंड के सामाजिक राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन एवं रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में हंसराज झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 और क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र रूप से लेखन कर रहे हैं। इसके साथ ही वह झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दों सामाजिक न्याय लोकतांत्रिक विमर्श और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। आदिवासी समुदायों से संबंधित मुद्दों पर उन्होंने जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है और समुदाय के बीच जाकर उनके सामाजिक सरोकारों चुनौतियों और स्थानीय परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया है। प्रत्यक्ष अनुभव और स्थानीय संदर्भों को अपनी रिपोर्टिंग में शामिल करना उनकी पत्रकारिता की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। हंसराज को राजनीतिक संवाद और मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी कार्य करने का अनुभव है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की भूमिका केवल सूचना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को सामने लाना और उन्हें व्यापक सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाना भी पत्रकार की जिम्मेदारी है।शैक्षणिक रूप से हंसराज रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का मेल उनके लेखन को विषय की समझ और भाषा दोनों स्तरों पर मजबूती प्रदान करता है।हजारीबाग जिले के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं। वह पत्रकारिता और स्वतंत्र लेखन के माध्यम से झारखंड के जमीनी मुद्दों सामाजिक बदलाव और जनसरोकार से जुड़े विषयों को लगातार सामने ला रहे हैं।
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