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डीएवी सेक्टर-4 में क्षमता संवर्धन कार्यशाला संपन्न, शिक्षण प्रक्रिया में अभिभावक शिक्षण की प्रासंगिकता पर हुई चर्चा

हंसराज चौरसिया
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बोकारो-
पप्पू वर्मा

डीएवी सेक्टर-4 में मंगलवार को सीबीएसई, सीओई पटना के तत्वावधान में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षा और शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक सुगम, ग्रहणशील एवं उपयोगी बनाना था। कार्यशाला का विषय था Educating Parent About Education। इसमें रिसोर्स पर्सन के रूप में एमजीएम हायर सेकेंडरी स्कूल बोकारो की वाइस प्रिंसिपल राखी बनर्जी और एमजीएम स्कूल बोकारो की शिक्षिका पूजा सिंह शामिल हुईं। उनकी प्रस्तुति कौशल और अंतर-क्रियात्मक शैली ने कार्यशाला को अत्यंत प्रभावी, रोचक और सार्थक बनाया। रिसोर्स पर्सन्स ने शिक्षकों को कई व्यवहारिक, मूल्यवान और कार्यात्मक जानकारियाँ, सुझाव, विधियाँ एवं पद्धतियाँ प्रदान कीं, जिनसे शिक्षण गुणवत्ता को और अधिक परिष्कृत किया जा सके। विद्यालय के प्राचार्य एस.के. मिश्रा ने कहा कि अभिभावकों को शिक्षित करना और उन्हें शिक्षण प्रणाली में हो रहे संशोधनों से परिचित कराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। लेकिन डीएवी के शिक्षक सदैव जन-जागरण की इस प्रक्रिया में सजग और सक्रिय रहते हैं। उन्होंने रिसोर्स पर्सन राखी बनर्जी और पूजा सिंह को सफल कार्यशाला के आयोजन हेतु धन्यवाद देते हुए शिक्षकों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त पद्धतियों को अपनी कार्यशैली में अपनाएँ।

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राज्य प्रभारी
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हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार हैं जो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की और पिछले वर्षों में झारखंड के सामाजिक राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन एवं रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में हंसराज झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 और क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र रूप से लेखन कर रहे हैं। इसके साथ ही वह झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दों सामाजिक न्याय लोकतांत्रिक विमर्श और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। आदिवासी समुदायों से संबंधित मुद्दों पर उन्होंने जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है और समुदाय के बीच जाकर उनके सामाजिक सरोकारों चुनौतियों और स्थानीय परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया है। प्रत्यक्ष अनुभव और स्थानीय संदर्भों को अपनी रिपोर्टिंग में शामिल करना उनकी पत्रकारिता की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। हंसराज को राजनीतिक संवाद और मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी कार्य करने का अनुभव है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की भूमिका केवल सूचना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को सामने लाना और उन्हें व्यापक सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाना भी पत्रकार की जिम्मेदारी है।शैक्षणिक रूप से हंसराज रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का मेल उनके लेखन को विषय की समझ और भाषा दोनों स्तरों पर मजबूती प्रदान करता है।हजारीबाग जिले के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं। वह पत्रकारिता और स्वतंत्र लेखन के माध्यम से झारखंड के जमीनी मुद्दों सामाजिक बदलाव और जनसरोकार से जुड़े विषयों को लगातार सामने ला रहे हैं।
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