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चक्रवात अर्नब को लेकर झारखंड अलर्ट, स्कूल बंद रखने पर भी विचार

चक्रवात अर्नब के संभावित असर और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए झारखंड का आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड में है।

चक्रवात अर्नब
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चक्रवात अर्नब को लेकर झारखंड अलर्ट, स्कूल बंद रखने पर भी विचार

 

भारी बारिश की आशंका के बीच आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क, सभी जिलों के उपायुक्तों को एहतियाती कदम उठाने का निर्देश

 

रांची। झारखंड में चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड में है। मौसम की संभावित चुनौतियों से निपटने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। इस संबंध में विभागीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखकर आवश्यक एहतियाती कदम उठाने को कहा है।

 

मौसम में संभावित बदलाव और भारी बारिश से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। विभाग का जोर इस बात पर है कि किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। इसके लिए जिलों में प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा और आवश्यक सावधानियां बरतने पर जोर दिया जा रहा है।

 

स्कूल बंद रखने पर भी हो रहा विचार

 

चक्रवात के संभावित असर और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने के विकल्प पर भी आपदा प्रबंधन विभाग विचार कर रहा है। हालांकि, स्कूलों को बंद करने के संबंध में अभी किसी अंतिम निर्णय की जानकारी नहीं दी गई है। मौसम की स्थिति और संभावित जोखिमों का आकलन करने के बाद इस दिशा में फैसला लिया जा सकता है।

 

फिलहाल विभाग का मुख्य उद्देश्य संभावित प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान को कम करना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर नजर रखते हुए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाने की तैयारी है।

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राज्य प्रभारी
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हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार, स्तंभकार एवं मीडिया कम्युनिकेशन से जुड़े पेशेवर हैं। वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हंसराज ने अपने करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की। बीते वर्षों में उन्होंने झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन, रिपोर्टिंग और ग्राउंड कवरेज किया है।उन्होंने विभिन्न चुनावों की प्रत्यक्ष एवं जमीनी रिपोर्टिंग करते हुए चुनावी माहौल, जनमत, स्थानीय मुद्दों, राजनीतिक गतिविधियों और मतदाताओं के बीच जाकर रिपोर्टिंग का अनुभव हासिल किया है। क्षेत्रीय राजनीति और जनसरोकार के मुद्दों पर उनकी रिपोर्टिंग में स्थानीय परिस्थितियों और प्रत्यक्ष अनुभवों को विशेष महत्व मिलता है। वर्तमान में वे झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 एवं क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र लेखन एवं रिपोर्टिंग कर रहे हैं। साथ ही झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में संपादकीय एवं संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दे, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक विमर्श, आदिवासी समाज, राजनीति और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। राजनीतिक संवाद एवं मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। शैक्षणिक रूप से हंसराज वर्तमान में रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। साहित्यिक अध्ययन और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का समन्वय उनके लेखन को विषयगत समझ, सामाजिक संवेदना और प्रभावी भाषा प्रदान करता है। हजारीबाग के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं और स्वतंत्र पत्रकारिता के माध्यम से झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़े विषयों को व्यापक विमर्श तक पहुंचाने के लिए सक्रिय हैं।
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