मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन को नम आंखों से अंतिम विदाई, नेमरा में उमड़ा जनसैलाब
रांची
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता एवं दिवंगत रूपी सोरेन का गुरुवार को उनके पैतृक गांव नेमरा स्थित श्मशान घाट पर पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी पूजनीय माता को मुखाग्नि दी। मुखाग्नि के दौरान श्मशान घाट पर मौजूद परिजनों, ग्रामीणों, समर्थकों और शुभचिंतकों की आंखें नम हो गईं। अंतिम विदाई के समय पूरा नेमरा गांव शोक में डूबा रहा। रूपी सोरेन पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं। सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद उन्हें 18 सितंबर को रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया कि अस्पताल में करीब 20 दिनों तक उनका इलाज चला और इस दौरान वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद 80 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
रूपी सोरेन के निधन की खबर से उनके परिवार, शुभचिंतकों और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन और अंतिम विदाई के लिए उनके पैतृक गांव नेमरा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए ग्रामीणों के साथ राजनीतिक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। बड़ी संख्या में लोग शव यात्रा के साथ श्मशान घाट तक पहुंचे। पूरे रास्ते लोगों की भीड़ नजर आई। हर कोई दिवंगत रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहता था। मुखाग्नि के बाद श्मशान घाट का माहौल बेहद भावुक हो गया।
मोरहाबादी स्थित आवास पर दी गई श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार से पहले रांची के मोरहाबादी स्थित मुख्यमंत्री आवास पर रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। यहां राज्य सरकार के मंत्री चमरा लिंडा, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, सांसद विजय हांसदा, सांसद ढुल्लू महतो, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो सहित विधायकगण, पूर्व मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति और धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
सादगी और संघर्ष के लिए याद की जाएंगी रूपी सोरेन
दिवंगत रूपी सोरेन को सादगी, त्याग और संघर्ष के लिए याद किया गया। झारखंड आंदोलन के दौर से लेकर सामाजिक जीवन तक उन्होंने परिवार के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों के प्रति भी आत्मीयता बनाए रखी। उनके निधन से परिवार के साथ उन्हें जानने वाले लोगों में भी शोक की लहर है। रूपी सोरेन के निधन को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के परिवार के लिए बड़ी व्यक्तिगत क्षति माना जा रहा है। अंतिम विदाई के दौरान नेमरा गांव में मौजूद लोगों ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। अंतिम संस्कार के बाद लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
