गांधी जयंती पर कोल कंपनी के खिलाफ बादम में उमड़ा जन सैलाब, लोगों का सामूहिक उपवास,
दुकानें बंद कर जल जंगल जमीन को बचाने का लिया संकल्प
बड़कागांव रितेश ठाकुर
बड़कागांव पूर्वी क्षेत्र के बादम, हरली, गोंदलपुरा सहित दर्जनों गांवों के भू-रैयतों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए कोल कंपनियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे आंदोलनकारी ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर बड़ी हुंकार भरी। बादम स्थित प्रसिद्ध मां पंचबहनी मंदिर प्रांगण में एक विशाल ‘संकल्प उपवास दिवस’ का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन के समर्थन में बादम क्षेत्र की सभी लगभग 700 दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूर्णतः बंद रहे। जिससे पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा रहा और ग्रामीणों का आक्रोश साफ दिखा। इसके पूर्व आंदोलनकारी ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दिया एवं कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उपवास में शामिल 105 आंदोलनकारी को माला पहनाकर अभिनंदन किया गया।
सभा में उपस्थित हजारों ग्रामीणों ने एनटीपीसी , अदानी , जेएसडब्ल्यू , समेत अन्य कोल कंपनियों का पुरजोर विरोध के साथ रोष व्यक्त किया, कॉल कंपनियां वापस जाओ के नारे लगे। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की, कि इस क्षेत्र में आवंटित सभी कोल ब्लॉकों के आवंटन तुरंत प्रभाव से रद्द किए जाएं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान में ये कंपनियां ब्रिटिश हुकूमत की तर्ज पर काम कर रही हैं और शोषण का नया जरिया बन चुकी हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिथिलेश दांगी ने कहा, “संविधान और प्राकृतिक न्याय के अनुसार ,जमीन का असली मालिकाना हक, उसी का होता है जो उस पर हल चलाता है और खेती-बाड़ी करता है। लेकिन आज इस आजाद देश में कोल कंपनियां और सरकार मिलकर हमारी जमीनें छीन रही हैं, हमें इसके खिलाफ पुरजोर लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है। पूर्व विधायक लोकनाथ महतो ने कहा कि कंपनियां इस शांत और उपजाऊ क्षेत्र से अपनी बुरी नजर तुरंत हटा लें।
क्षेत्र के लोग केवल शांति और स्वाभिमान का जीवन जीना चाहते हैं। जेएलकेएम नेता बालेश्वर कुमार ने कहा कंपनियों ने खुलकर गड़बड़ियां कर रही हैं । हमारी पवित्र भारतीय संविधान को खुली चुनौती दे दी है। सामूहिक उपवास आंदोलन कार्यक्रम मे लगभग 105 ग्रामीणों ने अहले सुबह से शाम 4:00 बजे तक उपवास रख, आंदोलन को सफल बनाया। वहीं आंदोलनकारी विकास कुमार ने बताया कि आगामी विधानसभा सत्र के दौरान हम आंदोलनकारी अपनी जमीन को बचाने के लिए विधानसभा का घेराव करेंगे, इसके बाद बड़कागांव प्रखंड में विशाल मोटरसाइकिल रैली निकली जाएगी तथा वन विभाग के द्वारा की जा रही पिलरिंग का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
मंच का संचालन मौके पर उपस्थित लोगों में मुख्य रूप से पूर्व सांसद भुनेश्वर मेहता ,पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू, अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार , सबुर महतो, विकास महतो, प्रमुख फुलवा देवी, जीप सदस्य सुनीता देवी, कुशवाहा समाज प्रखंड सचिव बासमती देवी,जेएलकेएम नेता बालेसर कुमार ,नकुल महतो, विजय साव, भाजपा नेता शिवलाल महतो, राजबल कुमार, त्रिवेणी महतो, जानिश खान, नैयर इकबाल, कौशल्या देवी, परमेश्वर महतो, यशोदा देवी, किशोर राणा के अलावा हजारों लोग उपस्थित थे।
