कसमार-बरलंगा सड़क निर्माण का मुख्यमंत्री ने लिया जायजा, तीनकोनिया चौक पर चाय-पकौड़ी का चखा स्वाद
सेवाती घाटी का भी किया निरीक्षण, स्थानीय लोगों से मुलाकात कर जाना हालचाल; बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति
बोकारो। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बोकारो जिले में निर्माणाधीन कसमार-बरलंगा मुख्य सड़क का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति और वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सड़क के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन किया और क्षेत्र में आवागमन की व्यवस्था तथा सड़क की उपयोगिता के संबंध में जानकारी ली। वापसी के क्रम में मुख्यमंत्री ने सेवाती घाटी का भी निरीक्षण किया और वहां की भौगोलिक परिस्थितियों के साथ सड़क मार्ग की स्थिति का जायजा लिया।
कसमार-बरलंगा मुख्य सड़क क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसके निर्माण से आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय विकास को भी गति मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण की प्रगति और स्थानीय आवागमन से जुड़ी परिस्थितियों को करीब से समझा।
सड़क निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कसमार के तीनकोनिया चौक स्थित एक स्थानीय दुकान पर पहुंचे। यहां उन्होंने विधायक कल्पना सोरेन के साथ बैठकर गरमा-गरम चाय और पकौड़ी का स्वाद लिया। मुख्यमंत्री और विधायक को अपने बीच देखकर स्थानीय लोग उत्साहित नजर आए। इस दौरान दोनों ने सहज माहौल में लोगों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना।
तीनकोनिया चौक पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर क्षेत्र की स्थिति, जनजीवन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी ली। विधायक कल्पना सोरेन ने भी लोगों से बातचीत की। मुख्यमंत्री और विधायक की इस सहज मुलाकात के दौरान स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला। लोगों ने दोनों से मिलकर प्रसन्नता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री का यह दौरा एक ओर जहां क्षेत्र में चल रही सड़क निर्माण परियोजना की प्रगति के निरीक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के साथ उनके सहज संवाद ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सड़क निर्माण कार्य पूरा होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने और ग्रामीणों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलने की उम्मीद है।

