करों में सप्तमी पर खुले दुर्गा मंदिरों के पट, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
झारखण्ड न्यूज़ 24
करों, देवघर
करों प्रखंड में शनिवार को शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर दुर्गा मंदिरों के पट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। विभिन्न मंदिरों में नवपत्रिका प्रवेश, मंत्रोच्चार और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
धार्मिक एवं पौराणिक महत्व वाले करोंग्राम के सार्वजनिक दुर्गा मंदिर सहित दे दे टोला, आचार्य टोला और कायस्थ टोला स्थित दुर्गा मंदिरों में आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। पुजारी सरोज, उत्तम मुखर्जी और तारकेश्वर आचार्य ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई। सप्तमी तिथि पर मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की विशेष आराधना की गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि की पूजा से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और भक्तों को शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसी कारण उन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है।
इससे पूर्व ऐतिहासिक राजा पोखर से ढोल-ढाक, करताल और गाजे-बाजे के साथ नवपत्रिका को डोली में रखकर मंदिरों तक लाया गया। नवपत्रिका में हल्दी, कचू, मान, अनार, अशोक, धान, बेलपत्र, जयंती, कदली और रक्तदंतिका जैसे पौधों को शामिल किया जाता है। यह परंपरा प्रकृति, कृषि और धार्मिक आस्था के आपसी संबंध को दर्शाती है।
नवरात्र के अवसर पर मंदिरों को तोरण द्वार और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। मंदिर समितियों के पदाधिकारी और स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सुविधा में जुटे रहे। वहीं, करों थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल सक्रिय रहा और पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी गई।

