हजारीबाग में दुर्गापूजा और दीपावली को लेकर पुलिस अलर्ट, एसपी ने की अपराध समीक्षा बैठक
महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर, असामाजिक तत्वों पर रहेगी निगरानी; लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश
हजारीबाग
दुर्गापूजा एवं दीपावली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षकों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस निरीक्षकों एवं थाना प्रभारियों के साथ अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, लंबित मामलों के निष्पादन तथा अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक ने दुर्गापूजा एवं दीपावली के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी परिस्थिति में विधि-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर
दुर्गापूजा के दौरान महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। पूजा पंडालों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिला पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके साथ ही सभी पूजा पंडालों में सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि असामाजिक तत्वों, छेड़खानी करने वालों और हुड़दंग मचाने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा सके। पुलिस अधीक्षक ने पूर्व में विधि-व्यवस्था बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों तथा पुराने सांप्रदायिक मामलों में संलिप्त या वांछित व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। त्योहारों के दौरान शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बल की होगी तैनाती
दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय, झारखंड, रांची की ओर से पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं केंद्रीय अर्धसैनिक बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसका उद्देश्य त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना और विधि-व्यवस्था की समस्या को रोकना है। मूर्ति विसर्जन को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। सभी थाना प्रभारियों, पुलिस निरीक्षकों एवं पुलिस उपाधीक्षकों को विसर्जन जुलूस के मार्गों का भौतिक सत्यापन करने तथा ड्रोन कैमरे के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। विसर्जन होने वाले तालाबों में सुरक्षा के मद्देनजर गोताखोरों, रस्सियों एवं ट्यूब की व्यवस्था रखने का भी निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
महिला उत्पीड़न और पॉक्सो के मामलों का 60 दिनों में निष्पादन
बैठक में महिला अत्याचार, छेड़खानी, दुष्कर्म एवं पॉक्सो अधिनियम से संबंधित दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए लंबित कांडों में तेजी से अनुसंधान पूरा करने और नियमानुसार 60 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा वर्ष 2026 से पूर्व के लंबित कांडों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने को कहा गया। पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अनुसंधान में अनावश्यक विलंब न हो तथा संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई समय पर पूरी की जाए।
सितंबर में 340 नए कांड दर्ज, 625 कांडों का निष्पादन
अपराध समीक्षा बैठक में सितंबर 2026 के दौरान जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों एवं पुलिस की कार्रवाई से संबंधित आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सितंबर माह में कुल 340 कांड दर्ज किए गए, जबकि 625 कांडों का निष्पादन किया गया। इसी अवधि में कुल 1,045 वारंट एवं कुर्की प्राप्त हुए, जबकि 1,549 वारंट एवं कुर्की का निष्पादन किया गया। पासपोर्ट सत्यापन के लिए 1,140 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1,173 का निष्पादन किया गया। वहीं, चरित्र सत्यापन के कुल 156 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 180 का निष्पादन किया गया। पुलिस की ओर से लंबित मामलों के निष्पादन और वारंटियों के विरुद्ध कार्रवाई में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
मादक पदार्थों और अवैध खनन के खिलाफ चलेगा अभियान
अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित स्थानों को चिह्नित करने और इस कारोबार में शामिल आरोपियों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। अभियान के दौरान संलिप्त व्यक्तियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके साथ ही संगठित अपराध गिरोहों, अवैध खनन में संलिप्त व्यक्तियों तथा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यकतानुसार सीसीए, थाना हाजिरी एवं गुंडा पंजी से संबंधित प्रस्ताव भेजने को कहा गया। जिले में अवैध कोयला, बालू एवं पत्थर के उत्खनन और कारोबार पर पूर्ण रोक लगाने के लिए संबंधित अंचल अधिकारियों एवं जिला खनन पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया।
साइबर अपराध पर नियंत्रण और आम लोगों की समस्याओं के समाधान पर जोर
साइबर अपराध से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए सभी थाना प्रभारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनका निष्पादन करने तथा मामलों में संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थानों में आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पिछले पांच वर्षों में जेल से बाहर आए अपराधियों की सूची तैयार कर उन्हें चिह्नित किया जाए तथा उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए। बैठक के अंत में सभी पुलिस पदाधिकारियों को अपराध नियंत्रण, प्रभावी गश्ती, लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन और त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य दुर्गापूजा और दीपावली को जिले में शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है।
