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झारखंड में 21 अक्टूबर को गूंजेगी शहीदों की शौर्यगाथा! सुबह 8 बजे सभी पुलिस प्रतिष्ठानों में होगी परेड, पुलिस मुख्यालय का सख्त निर्देश

झारखंड में 21 अक्टूबर को सुबह 8 बजे सभी पुलिस प्रतिष्ठानों में पुलिस स्मरण दिवस परेड आयोजित होगी। शहीद पुलिसकर्मियों के नाम पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने कार्यक्रम की तस्वीरें, वीडियो और विस्तृत रिपोर्ट के साथ 24 अक्टूबर 2026 तक अनुपालन प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया है।

हंसराज चौरसिया
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 झारखंड में 21 अक्टूबर को गूंजेगी शहीदों की शौर्यगाथा! सुबह 8 बजे सभी पुलिस प्रतिष्ठानों में होगी परेड, पुलिस मुख्यालय का सख्त निर्देश

 

रांची | झारखंड न्यूज़ 24

 

झारखंड में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मरण दिवस के अवसर पर कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। राज्यभर के पुलिस प्रतिष्ठानों में सुबह 8 बजे परेड आयोजित की जाएगी। इस दौरान शहीद पुलिस पदाधिकारियों और जवानों के नाम पढ़े जाएंगे तथा उनके अदम्य साहस, त्याग और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर पुलिस मुख्यालय ने राज्य के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

 

पुलिस स्मरण दिवस उन वीर जवानों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने देश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा और देशसेवा का जज्बा आज भी पुलिस बल के लिए प्रेरणा है। 21 अक्टूबर को आयोजित होने वाली परेड के माध्यम से झारखंड पुलिस अपने शहीद साथियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करेगी।

 

महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, झारखंड की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, वर्ष 2025-26 में शहीद हुए पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के नाम परेड के दौरान पढ़े जाएंगे। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूचना ब्यूरो की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची का उपयोग किया जाएगा।

 

जिलों से लेकर विशेष पुलिस इकाइयों तक तैयारी के निर्देश

 

पुलिस मुख्यालय ने झारखंड पुलिस अकादमी, हजारीबाग के निदेशक, रांची, जमशेदपुर और धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षकों सहित राज्य के विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षकों को कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा रेल पुलिस, विशेष शाखा, वायरलेस, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप), विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) समेत अन्य संबंधित इकाइयों को भी निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

 

मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित पुलिस प्रतिष्ठानों में निर्धारित समय पर कार्यक्रम आयोजित किया जाए और शहीदों को पूरे सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी जाए।

 

कार्यक्रम के बाद मुख्यालय को भेजनी होगी पूरी रिपोर्ट

 

पुलिस स्मरण दिवस का आयोजन संपन्न होने के बाद संबंधित इकाइयों को कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध करानी होगी। इसमें परेड और श्रद्धांजलि कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग, तस्वीरें, समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों की प्रतियां तथा कार्यक्रम का लिखित विवरण शामिल होगा।

 

पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को 24 अक्टूबर 2026 तक अनुपालन प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया है, ताकि आयोजन से जुड़ी गतिविधियों का रिकॉर्ड मुख्यालय में उपलब्ध रहे।

 

शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता

 

हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मरण दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन पुलिसकर्मियों के साहस और बलिदान को नमन करने के लिए समर्पित है, जिन्होंने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके त्याग की बदौलत सुरक्षा, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की भावना मजबूत होती है।

 

झारखंड में भी इस अवसर पर आयोजित होने वाली परेड और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के माध्यम से वीर शहीदों को याद किया जाएगा। यह दिन न केवल पुलिस बल के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए उन जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने दूसरों की सुरक्षा के लिए अपनी जिंदगी तक दांव पर लगा दी।

 

झारखंड न्यूज़ 24 — वीर शहीदों को शत-शत नमन।

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राज्य प्रभारी
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हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार, स्तंभकार एवं मीडिया कम्युनिकेशन से जुड़े पेशेवर हैं। वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हंसराज ने अपने करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की। बीते वर्षों में उन्होंने झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन, रिपोर्टिंग और ग्राउंड कवरेज किया है।उन्होंने विभिन्न चुनावों की प्रत्यक्ष एवं जमीनी रिपोर्टिंग करते हुए चुनावी माहौल, जनमत, स्थानीय मुद्दों, राजनीतिक गतिविधियों और मतदाताओं के बीच जाकर रिपोर्टिंग का अनुभव हासिल किया है। क्षेत्रीय राजनीति और जनसरोकार के मुद्दों पर उनकी रिपोर्टिंग में स्थानीय परिस्थितियों और प्रत्यक्ष अनुभवों को विशेष महत्व मिलता है। वर्तमान में वे झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 एवं क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र लेखन एवं रिपोर्टिंग कर रहे हैं। साथ ही झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में संपादकीय एवं संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दे, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक विमर्श, आदिवासी समाज, राजनीति और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। राजनीतिक संवाद एवं मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। शैक्षणिक रूप से हंसराज वर्तमान में रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। साहित्यिक अध्ययन और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का समन्वय उनके लेखन को विषयगत समझ, सामाजिक संवेदना और प्रभावी भाषा प्रदान करता है। हजारीबाग के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं और स्वतंत्र पत्रकारिता के माध्यम से झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़े विषयों को व्यापक विमर्श तक पहुंचाने के लिए सक्रिय हैं।
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