साइबर ठगी के नेटवर्क में झारखंड के कई जिले सुर्खियों में! देवघर देश में तीसरे नंबर पर, गिरिडीह-धनबाद की रैंकिंग ने बढ़ाई चिंता
रांची | झारखंड न्यूज़ 24
झारखंड में साइबर अपराध का दायरा लगातार चर्चा में है। कभी देशभर में साइबर ठगी के लिए चर्चित जामताड़ा के बाद अब राज्य के दूसरे जिलों के नाम भी अलग-अलग अपराध श्रेणियों में सामने आ रहे हैं। देवघर, दुमका, गिरिडीह और धनबाद से जुड़े आंकड़े साइबर अपराधियों के नेटवर्क, फर्जी सिम कार्ड के इस्तेमाल और ठगी की रकम निकालने के तरीकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, साइबर अपराध के मामलों में देवघर देशभर में तीसरे स्थान पर है, जबकि दुमका 14वें स्थान पर दर्ज किया गया है।
बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की अगस्त 2026 में आयोजित प्रगति समीक्षा बैठक के दौरान देश के शीर्ष 15 जिलों से संबंधित सूची सामने आई। इस सूची में साइबर अपराध के दर्ज मामलों से लेकर ठगी में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल सिम कार्डों के अवैध आवंटन तक कई अहम पहलुओं को शामिल किया गया। इसके अलावा, साइबर ठगी के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल और ठगी से हासिल रकम को एटीएम व चेक के जरिए निकालने जैसे मामलों को भी समीक्षा का आधार बनाया गया।
देवघर देश में तीसरे स्थान पर, दुमका भी पीछे नहीं
साइबर अपराध के मामलों में देवघर का देशभर में तीसरे स्थान पर पहुंचना झारखंड के लिए चिंता का विषय है। वहीं, दुमका का 14वें स्थान पर होना बताता है कि साइबर अपराध की चुनौती केवल जामताड़ा तक सीमित नहीं रह गई है। हालांकि, इन रैंकिंग के आधार और संबंधित मामलों की आधिकारिक पुष्टि के लिए मूल सरकारी रिपोर्ट का सत्यापन जरूरी है।
फर्जी सिम कार्ड जारी करने में गिरिडीह 10वें नंबर पर
साइबर ठगी को अंजाम देने के लिए अपराधी अक्सर मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में गलत पहचान या अवैध तरीके से सिम कार्ड जारी होना जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ठगी में इस्तेमाल होने वाले फर्जी सिम कार्ड जारी करने के मामले में गिरिडीह देशभर में 10वें स्थान पर है। यह स्थिति मोबाइल सिम कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में सत्यापन और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत की ओर ध्यान खींचती है।
ठगी की रकम निकालने के नेटवर्क में धनबाद 13वें स्थान पर
साइबर ठगी के बाद अपराधियों के सामने ठगी गई रकम को निकालने और उसे दूसरे खातों तक पहुंचाने की चुनौती होती है। इसके लिए एटीएम, चेक और दूसरे बैंक खातों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका रहती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ठगी की रकम को एटीएम के जरिए निकालने से जुड़े मामलों में धनबाद देशभर में 13वें स्थान पर दर्ज किया गया है।
जामताड़ा के बाद अब दूसरे जिलों पर भी निगरानी की जरूरत
झारखंड का जामताड़ा लंबे समय से साइबर ठगी के मामलों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा है। लेकिन देवघर, दुमका, गिरिडीह और धनबाद से जुड़े ये आंकड़े संकेत देते हैं कि साइबर अपराध के विभिन्न पहलुओं पर राज्य के कई जिलों में निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। हालांकि, किसी जिले की रैंकिंग के आधार पर वहां के सभी निवासियों को अपराध से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।

