Ad image

बिहार की सियासत में तूफ़ान, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर कोर्ट की कार्यवाही, 11 सितम्बर को होगी सुनवाई

3 Min Read
WhatsApp Group Join Now

बिहार-
सेन्ट्रल  डेस्क

बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अब कानूनी शिकंजे में घिरते नज़र आ रहे हैं। मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट ने इन दोनों नेताओं समेत कई अन्य पर दर्ज परिवाद को स्वीकार कर लिया है और अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितम्बर 2025 को तय की गई है।यह विवाद दरभंगा में आयोजित वोटर अधिकार यात्रा के दौरान मंच से हुई विवादित और अभद्र टिप्पणियों से जुड़ा हुआ है। अधिवक्ता एवं भाजपा नेता अनिल कुमार सिंह ने अदालत में परिवाद दायर कर आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि यह टिप्पणी राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के उकसावे तथा साजिश के तहत की गई। अनिल कुमार सिंह ने बताया कि 28 अगस्त की शाम वे अपने चैंबर में सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का वीडियो देख रहे थे, तभी इस आपत्तिजनक टिप्पणी का संज्ञान हुआ। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक घटना है, जिससे वे गहराई से आहत हैं। उन्होंने अपने परिवाद में साफ कहा है कि प्रधानमंत्री और उनकी माता पर की गई टिप्पणी न केवल अनैतिक है बल्कि इससे आम जनता की भावनाओं को भी ठेस पहुँची है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे स्वीकार कर लिया और सुनवाई की तिथि 11 सितम्बर तय की। इस घटनाक्रम के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। एनडीए नेताओं ने विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को देश से माफी मांगनी चाहिए। एनडीए ने इसे ओछी राजनीति करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं कांग्रेस और राजद ने इसे भाजपा की साजिश बताते हुए कहा कि जिसने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया वह पार्टी का आधिकारिक कार्यकर्ता नहीं था।राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा अब चुनावी चर्चाओं के केंद्र में आ चुका है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला न केवल अदालत की कार्रवाई बल्कि बिहार की सियासत की दिशा और तेज़ी से बदलती चुनावी हवाओं को भी प्रभावित करेगा।

Share This Article
राज्य प्रभारी
Follow:
हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार हैं जो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की और पिछले वर्षों में झारखंड के सामाजिक राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन एवं रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में हंसराज झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 और क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र रूप से लेखन कर रहे हैं। इसके साथ ही वह झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दों सामाजिक न्याय लोकतांत्रिक विमर्श और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। आदिवासी समुदायों से संबंधित मुद्दों पर उन्होंने जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है और समुदाय के बीच जाकर उनके सामाजिक सरोकारों चुनौतियों और स्थानीय परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया है। प्रत्यक्ष अनुभव और स्थानीय संदर्भों को अपनी रिपोर्टिंग में शामिल करना उनकी पत्रकारिता की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। हंसराज को राजनीतिक संवाद और मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी कार्य करने का अनुभव है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की भूमिका केवल सूचना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को सामने लाना और उन्हें व्यापक सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाना भी पत्रकार की जिम्मेदारी है।शैक्षणिक रूप से हंसराज रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का मेल उनके लेखन को विषय की समझ और भाषा दोनों स्तरों पर मजबूती प्रदान करता है।हजारीबाग जिले के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं। वह पत्रकारिता और स्वतंत्र लेखन के माध्यम से झारखंड के जमीनी मुद्दों सामाजिक बदलाव और जनसरोकार से जुड़े विषयों को लगातार सामने ला रहे हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *