रांची में मां दुर्गा की विदाई पर सुरक्षा का महापहरा! डैम-तालाबों पर NDRF तैनात, ड्रोन से होगी निगरानी; हुड़दंगियों की खैर नहीं
विसर्जन जुलूसों पर पुलिस की पैनी नजर, खतरे के निशान से आगे जाने पर रोक; शराब पीकर हुड़दंग, छेड़खानी और भड़काऊ गाने बजाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
रांची।
मां दुर्गा की विदाई की बेला आ गई है। बुधवार को राजधानी रांची में जयकारों, ढोल-नगाड़ों और भावुक माहौल के बीच मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। एक ओर भक्त अपनी आराध्य मां को विदाई देने के लिए उमड़ेंगे, तो दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। विसर्जन के दौरान जरा-सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण न बने, इसके लिए जलाशयों से लेकर सड़कों तक सुरक्षा का कड़ा पहरा रहेगा। डैम और तालाबों पर खतरे के निशान निर्धारित किए गए हैं, जबकि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें आपात स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रहेंगी।

प्रतिमा विसर्जन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती जलाशयों में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है। इसे देखते हुए शहर के विभिन्न डैम और तालाबों में विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। खतरे के निशान तय कर श्रद्धालुओं को निर्धारित सीमा के भीतर ही रहने की हिदायत दी गई है। गहरे पानी की ओर जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। निर्धारित सीमा के आगे सुरक्षा बल तैनात रहेंगे, ताकि कोई श्रद्धालु अनजाने में जोखिम न उठाए। संवेदनशील घाटों पर प्रशिक्षित गोताखोरों और नावों की व्यवस्था भी की गई है। किसी व्यक्ति के पानी में डूबने या अन्य दुर्घटना की स्थिति में तत्काल बचाव अभियान शुरू किया जा सकेगा। इसके अलावा घाटों पर रोशनी, सुरक्षित आवागमन और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने की व्यवस्था की गई है। मेडिकल टीम और एंबुलेंस को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके।

राजधानी में विसर्जन जुलूसों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसे देखते हुए पूजा समितियों के जुलूसों के साथ पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जुलूस के प्रस्थान से लेकर प्रतिमा विसर्जन और वापसी तक सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। भीड़भाड़ वाले इलाकों, संवेदनशील धार्मिक स्थलों और पूर्व में विवाद की घटनाओं वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के अनुसार सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों की मदद से जुलूसों तथा लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। उपद्रव, मारपीट, छेड़खानी, छीना-झपटी या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विसर्जन के दौरान डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना होगा। अश्लील, आपत्तिजनक या सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाले गाने बजाने से बचने की अपील की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक आयोजन की आड़ में माहौल बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शराब पीकर जुलूस में शामिल होने, हुड़दंग मचाने, मारपीट करने या महिलाओं के साथ छेड़खानी करने वालों पर विशेष नजर रखी जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का जोर इस बात पर है कि श्रद्धालुओं का उत्साह किसी दूसरे व्यक्ति की परेशानी या सुरक्षा के लिए खतरा न बने।
विसर्जन के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट के प्रसार को लेकर भी पुलिस सतर्क है। रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने श्रद्धालुओं और पूजा समितियों से अपील की है कि किसी भी पोस्ट, वीडियो या संदेश को सत्यता की पुष्टि किए बिना आगे साझा न करें। आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री सामने आने पर उसे वायरल करने के बजाय संबंधित पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दें। प्रशासन का मानना है कि अफवाहों पर समय रहते नियंत्रण और आम लोगों के सहयोग से किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सकता है। इसलिए लोगों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।
एसएसपी राकेश रंजन ने श्रद्धालुओं और पूजा समितियों से राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की विदाई आस्था और श्रद्धा का अवसर है। सभी लोग शांतिपूर्ण तरीके से विसर्जन संपन्न कराएं और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। राजधानी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मुस्तैद हैं। अब श्रद्धालुओं की जिम्मेदारी है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें, अफवाहों से दूर रहें और मां दुर्गा को सम्मानपूर्वक विदाई देकर आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करें।

