आवारा सांड के हमले में व्यक्ति गंभीर रूप से घायल, लपंगा कॉलोनी में दहशत और आक्रोश
बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से उठे सवाल, लोगों ने प्रशासन से सांड को पकड़ने की मांग की
मुकेश कुमार | भुरकुंडा। भदानी नगर क्षेत्र के लपंगा कॉलोनी में आवारा सांड का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को सांड के हमले में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले में उसके माथे पर गंभीर चोट आई है। घटना के बाद कॉलोनी के लोगों में दहशत के साथ-साथ प्रशासन के प्रति आक्रोश भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सांड पहले भी कई बार लोगों पर हमला कर चुका है, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं। इसके बावजूद बार-बार शिकायत किए जाने के बाद भी संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लपंगा कॉलोनी में घूम रहा यह सांड पहले भी कई लोगों को अपना निशाना बना चुका है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। कॉलोनी की सड़कों पर आवारा सांड की मौजूदगी के कारण लोगों को आवाजाही में डर बना रहता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोग चिंतित हैं। गुरुवार को हुई घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में आवारा पशुओं से उत्पन्न खतरे को उजागर कर दिया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब एक ही सांड के हमले की शिकायत बार-बार की जा रही है, तो आखिर अब तक उसे पकड़ने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में कोई गंभीर हादसा हो सकता है। आवारा पशुओं के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
स्थानीय लोगों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का आग्रह है कि सांड को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उचित स्थान पर रखने की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति को उसका शिकार न बनना पड़े। इसके साथ ही घायल व्यक्ति के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने और क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।
अब देखना यह है कि लपंगा कॉलोनी में लगातार बढ़ रही इस समस्या पर प्रशासन कब संज्ञान लेता है और लोगों को आवारा सांड के आतंक से राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

