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हो जाएं सावधान! मोरहाबादी की चाट में मिला औद्योगिक रंग, पनीर के नमूने भी फेल!

मोरहाबादी की चाट में औद्योगिक रंग, पनीर भी मानकों पर फेल!

हंसराज चौरसिया
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हो जाएं सावधान! मोरहाबादी की चाट में मिला औद्योगिक रंग, पनीर के नमूने भी फेल!

 

40 स्टॉलों की जांच में खुली पोल, आपकी सेहत से खिलवाड़ तो नहीं?

 

 

 

रांची/सेन्ट्रल डेस्क-

हंसराज चौरसिया

 

 

राजधानी रांची के मोरहाबादी वेंडर मार्केट में स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुक्रवार देर शाम खाद्य सुरक्षा प्रशासन की जांच में पनीर के दो नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि चाट के दो नमूनों में औद्योगिक रंग की पुष्टि हुई। इस खुलासे ने बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों की सेहत की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं।

 

संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त अनुज प्रसाद के नेतृत्व में चलाये गये अभियान के दौरान 40 स्टॉलों का निरीक्षण किया गया और 22 खाद्य नमूनों की जांच की गयी। इस दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों को नष्ट किया गया। टीम ने सॉस में इस्तेमाल होने वाले रंग और केमिकल की गुणवत्ता, ब्रांड तथा मात्रा की भी जांच की। चाट और पनीर जैसे लोकप्रिय खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कितनी सख्त होगी? मोरहाबादी वेंडर मार्केट में नियम तोड़ने वाले स्टॉल संचालकों पर 500 रुपये जुर्माना लगाने की बात कही गयी है। खाद्य सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में इस राशि को नाकाफी बताते हुए प्रत्यक्षदर्शियों ने नियमित जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मेनका सिंह ने कहा कि खाद्य पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत की भी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

रांची में मिलावटी खाद्य पदार्थों का मामला पहले भी सामने आ चुका है। छह अगस्त 2026 को रातू रोड में 800 किलो से अधिक मिलावटी पनीर और खोवा जब्त किया गया था। जब्त सामग्री को झिरी ले जाकर नष्ट किया गया था। शुरुआती जांच में कुछ उत्पादों में स्टार्च की मिलावट के संकेत मिले थे। इससे पहले 17 जुलाई 2025 को ओरमांझी में 560 किलो पनीर, 20 किलो क्रीम और 20 किलो घी की खेप पकड़ी गयी थी। जांच में पनीर और क्रीम के नमूने मिलावटी पाये जाने के बाद उन्हें नष्ट कर दिया गया था।

 

बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिये हैं। अब जरूरत केवल छापेमारी करने की नहीं, बल्कि नियमित जांच, खाद्य पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने और दोषियों पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने की है, ताकि लोगों की थाली तक सुरक्षित भोजन पहुंच सके।

 

जांच अभियान में शामिल अधिकारी

 

संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त अनुज प्रसाद के साथ खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. पवन कुमार, अमित कुमार राम, नम्रता महतो, मनीषा, सौरभ सिंह और रवि हांसदा शामिल थे।

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राज्य प्रभारी
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हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार, स्तंभकार एवं मीडिया कम्युनिकेशन से जुड़े पेशेवर हैं। वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हंसराज ने अपने करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की। बीते वर्षों में उन्होंने झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन, रिपोर्टिंग और ग्राउंड कवरेज किया है।उन्होंने विभिन्न चुनावों की प्रत्यक्ष एवं जमीनी रिपोर्टिंग करते हुए चुनावी माहौल, जनमत, स्थानीय मुद्दों, राजनीतिक गतिविधियों और मतदाताओं के बीच जाकर रिपोर्टिंग का अनुभव हासिल किया है। क्षेत्रीय राजनीति और जनसरोकार के मुद्दों पर उनकी रिपोर्टिंग में स्थानीय परिस्थितियों और प्रत्यक्ष अनुभवों को विशेष महत्व मिलता है। वर्तमान में वे झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 एवं क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र लेखन एवं रिपोर्टिंग कर रहे हैं। साथ ही झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में संपादकीय एवं संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दे, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक विमर्श, आदिवासी समाज, राजनीति और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। राजनीतिक संवाद एवं मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। शैक्षणिक रूप से हंसराज वर्तमान में रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। साहित्यिक अध्ययन और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का समन्वय उनके लेखन को विषयगत समझ, सामाजिक संवेदना और प्रभावी भाषा प्रदान करता है। हजारीबाग के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं और स्वतंत्र पत्रकारिता के माध्यम से झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़े विषयों को व्यापक विमर्श तक पहुंचाने के लिए सक्रिय हैं।
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