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स्वास्थ्य केंद्र टंडवा में प्रखंड स्तर पर निक्षय मित्रा दिवस मनाया गया

हंसराज चौरसिया
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टीबी मरीजों को वितरित की गई पोषण टोकरी, चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

टंडवा-
कुन्दन पासवान

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टंडवा में 9 सितंबर को प्रखंड स्तर पर निक्षय मित्रा दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड एवं सिनी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस दौरान टीबी मरीजों को पोषण योजना के तहत पोषण टोकरी (पोषाहार) वितरित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुदीप कुमार थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मरीजों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए। नियमित रूप से वजन, हीमोग्लोबिन और बलगम की जांच के साथ दवा का सेवन जरूरी है।

उन्होंने कहा कि समय पर जांच और दवा लेने से टीबी पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है। डॉ. कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी से प्रचार-प्रसार को और प्रभावी बनाया जाएगा। सभी पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए टंडवा प्रखंड की 10 पंचायतों को चिन्हित कर वहां गहन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आने वाले दो वर्षों में इन पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य कर्मी उदय तिवारी (BPM), सुधांशु कुमार (STS), दीपेंद्र कुमार (BDM), रणधीर कुमार, अविषेक कुमार, आनंद कुमार, जानकी कुमार, सुरेंद्र कुमार, अख्तर हुसैन (STLS) सहित सीनी संस्था के ओमप्रकाश शर्मा, मुन्तज़िर, यक्ष्मा रोगी और उनके परिजन उपस्थित थे।

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राज्य प्रभारी
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हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार हैं जो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की और पिछले वर्षों में झारखंड के सामाजिक राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन एवं रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में हंसराज झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 और क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र रूप से लेखन कर रहे हैं। इसके साथ ही वह झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दों सामाजिक न्याय लोकतांत्रिक विमर्श और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। आदिवासी समुदायों से संबंधित मुद्दों पर उन्होंने जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है और समुदाय के बीच जाकर उनके सामाजिक सरोकारों चुनौतियों और स्थानीय परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया है। प्रत्यक्ष अनुभव और स्थानीय संदर्भों को अपनी रिपोर्टिंग में शामिल करना उनकी पत्रकारिता की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। हंसराज को राजनीतिक संवाद और मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी कार्य करने का अनुभव है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की भूमिका केवल सूचना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को सामने लाना और उन्हें व्यापक सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाना भी पत्रकार की जिम्मेदारी है।शैक्षणिक रूप से हंसराज रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का मेल उनके लेखन को विषय की समझ और भाषा दोनों स्तरों पर मजबूती प्रदान करता है।हजारीबाग जिले के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं। वह पत्रकारिता और स्वतंत्र लेखन के माध्यम से झारखंड के जमीनी मुद्दों सामाजिक बदलाव और जनसरोकार से जुड़े विषयों को लगातार सामने ला रहे हैं।
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