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अमृतसर से पाकिस्तान की नापाक साजिश का पर्दाफाश, त्योहारों के बीच पंजाब बना युद्धभूमि

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अमृतसर-

 

सीमा पार से चल रही पाकिस्तान की नापाक चालें अब और खुलकर सामने आ रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और अब त्योहारों के मौसम में पंजाब का माहौल बिगाड़ने की फिराक में है। खुफिया रिपोर्ट ने पूरे राज्य को हिला दिया है आईएसआई लगातार ड्रग्स और हथियारों की खेप पंजाब में धकेल रहा है ताकि राज्य को खून और बारूद की आग में झोंका जा सके।

 

 

 

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने अमृतसर में खुलासा करते हुए कहा कि पाकिस्तान की धरती से भेजे जा रहे हथियारों और ड्रग्स का मकसद साफ है युवाओं को बर्बाद करना और पंजाब की शांति को तहस-नहस करना।

 

 

 

सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि सिर्फ सितंबर में ही 77 पिस्तौलें पाकिस्तान से पंजाब पहुंचाई गईं, जिनमें अमृतसर से 29, फिरोज़पुर से 27 और फाजिल्का से 21 बरामद की गईं। सवाल यह है‌ त्योहारों की रौनक में पाकिस्तान कौन-सी तबाही की स्क्रिप्ट लिखना चाहता है?

 

 

 

डीजीपी यादव ने साफ कहा

 

पाकिस्तान अब नशे और हथियारों का ज़हर एक साथ घोलकर पंजाब को तबाह करने की योजना बना रहा है। लेकिन हम उसे कभी कामयाब नहीं होने देंगे।

 

 

त्योहारों से पहले पंजाब को किले में तब्दील कर दिया गया है। राज्य में 57 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें बीएसएफ की 7 कंपनियां सीमा पर और 50 कंपनियां पंजाब पुलिस की हर जिले में मौजूद हैं। पठानकोट समेत कई जगहों पर संदिग्ध घुसपैठ ठिकानों का भी भंडाफोड़ किया गया है।

 

 

 

नशे के खिलाफ युद्ध 

 

1 मार्च 2025 से अब तक 20,414 केस दर्ज,

31,177 गिरफ्तारियां, और 1,342 किलो हेरोइन जब्त।

 

डीजीपी ने यह भी बताया कि पिछले साल में 88 आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है। हाल ही में बब्बर खालसा के दुर्दांत आतंकी पिंडी को यूएई से गिरफ्तार कर भारत लाया गया है।

 

 

त्योहारों की रौशनी के बीच पंजाब इस वक्त हाई-अलर्ट पर है। हर थाने, हर चौकी और हर नाके पर नज़रें तेज़ हैं। पंजाब पुलिस और बीएसएफ ने ऐलान कर दिया है नशे और हथियारों की इस जंग में पाकिस्तान की हर नापाक कोशिश को नेस्तनाबूद कर देंगे।

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राज्य प्रभारी
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हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार हैं जो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की और पिछले वर्षों में झारखंड के सामाजिक राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन एवं रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में हंसराज झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 और क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र रूप से लेखन कर रहे हैं। इसके साथ ही वह झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दों सामाजिक न्याय लोकतांत्रिक विमर्श और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। आदिवासी समुदायों से संबंधित मुद्दों पर उन्होंने जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है और समुदाय के बीच जाकर उनके सामाजिक सरोकारों चुनौतियों और स्थानीय परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया है। प्रत्यक्ष अनुभव और स्थानीय संदर्भों को अपनी रिपोर्टिंग में शामिल करना उनकी पत्रकारिता की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। हंसराज को राजनीतिक संवाद और मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी कार्य करने का अनुभव है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की भूमिका केवल सूचना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को सामने लाना और उन्हें व्यापक सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाना भी पत्रकार की जिम्मेदारी है।शैक्षणिक रूप से हंसराज रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का मेल उनके लेखन को विषय की समझ और भाषा दोनों स्तरों पर मजबूती प्रदान करता है।हजारीबाग जिले के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं। वह पत्रकारिता और स्वतंत्र लेखन के माध्यम से झारखंड के जमीनी मुद्दों सामाजिक बदलाव और जनसरोकार से जुड़े विषयों को लगातार सामने ला रहे हैं।
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