दुर्गा पूजा पर झारखंड में हाई अलर्ट, 6 हजार से ज्यादा जवान संभालेंगे मोर्चा
5 हजार होमगार्ड भी तैनात, आठ कंपनी अतिरिक्त केंद्रीय बल की मांग, संवेदनशील पंडालों पर ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
रांची। प्रतिनिधि।
आदित्य ओहदार
दुर्गा पूजा के दौरान झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए राज्यभर में 6 हजार से अधिक पुलिस जवानों के साथ करीब 5 हजार होमगार्ड की तैनाती की जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द करने का निर्देश दिया है। पूजा के दौरान जवान अपने-अपने निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात रहेंगे और लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की भी तैयारी है। पुलिस मुख्यालय की ओर से छह कंपनी सीआरपीएफ की मांग की गई है। इसके अलावा कुल आठ कंपनी अतिरिक्त केंद्रीय बल उपलब्ध कराने के लिए गृह मंत्रालय से अनुरोध किया गया है। संवेदनशील और अत्यधिक भीड़ वाले इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
राज्य के रांची, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, बोकारो और पलामू समेत प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था की विशेष निगरानी की जाएगी। पुलिस की नजर ऐसे इलाकों पर भी रहेगी, जहां पूर्व में त्योहारों के दौरान विवाद या कानून-व्यवस्था की समस्या सामने आती रही है। पुराने विवादों और संवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा कर पुलिस पहले से सुरक्षा की रणनीति तैयार करेगी।
वीआईपी रूट पर सादे लिबास में तैनात होंगे अधिकारी
मुख्यमंत्री, राज्यपाल, न्यायिक अधिकारियों और अन्य वीआईपी के पूजा पंडालों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा का अलग प्लान तैयार किया जा रहा है। वीआईपी मूवमेंट वाले इलाकों में 1000 से अधिक स्पेशल ब्रांच के अधिकारी सादे लिबास में तैनात किए जाएंगे। ये अधिकारी भीड़ के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे और किसी भी सुरक्षा संबंधी स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएंगे।
वीआईपी रूट के अलावा आसपास के पूजा पंडालों और प्रमुख भीड़ वाले स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। पुलिस की कोशिश रहेगी कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित न हो।
जमीन के साथ आसमान से भी होगी निगरानी
इस बार दुर्गा पूजा के दौरान पुलिस जमीन के साथ आसमान से भी निगरानी करेगी। प्रमुख और संवेदनशील पूजा पंडालों में कम से कम 10 या उससे अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है। पंडाल के अंदर और बाहर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
इसके अलावा संवेदनशील इलाकों और प्रमुख पूजा पंडालों के आसपास ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। ड्रोन के जरिए भीड़ की स्थिति, आने-जाने वाले रास्तों और संवेदनशील स्थानों की निगरानी होगी। किसी इलाके में अचानक भीड़ बढ़ने या स्थिति बिगड़ने के संकेत मिलने पर पुलिस तत्काल अतिरिक्त बल भेज सकेगी।
हर पंडाल की होगी सुरक्षा समीक्षा
सभी जिलों के एसपी को अपने-अपने क्षेत्रों में लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी पूजा पंडालों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। सूची तैयार होने के बाद प्रत्येक पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। भीड़ नियंत्रण के लिए प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था, पंडाल के आसपास की स्थिति और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर विशेष नजर रखी जाएगी।
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रमुख पूजा पंडालों में अलग प्रवेश द्वार की व्यवस्था किए जाने की तैयारी है। महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी, ताकि भीड़ के बीच महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आग और मेडिकल इमरजेंसी के लिए भी तैयारी
पूजा पंडालों में भीड़ के साथ आगजनी या अन्य आपात स्थिति की आशंका को देखते हुए प्रमुख पूजा स्थलों के आसपास दमकल की गाड़ियां तैनात रखने की तैयारी है। किसी भी घटना की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने की व्यवस्था की जाएगी।
मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ समन्वय किया जा रहा है। भीड़भाड़ वाले प्रमुख इलाकों में एंबुलेंस उपलब्ध रखने की भी तैयारी है, ताकि दुर्घटना या अचानक तबीयत बिगड़ने की स्थिति में श्रद्धालु को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।
24 घंटे एक्टिव रहेगा पुलिस कंट्रोल रूम
दुर्गा पूजा के दौरान पुलिस का कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा। संदिग्ध गतिविधि, विवाद, अफवाह या किसी अन्य सुरक्षा संबंधी समस्या की सूचना मिलने पर संबंधित इलाके में तत्काल पुलिस बल भेजने की व्यवस्था रहेगी। फील्ड में तैनात जवानों और अधिकारियों के साथ कंट्रोल रूम लगातार समन्वय बनाए रखेगा।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर शांति समितियों को भी सक्रिय किया जाएगा। समितियों में जिम्मेदार नागरिकों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों को शामिल कर स्थानीय समस्याओं और संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी जुटाई जाएगी।
उपद्रवी तत्वों और पुराने मामलों पर भी नजर
पुलिस उन इलाकों और पुराने मामलों की भी समीक्षा करेगी, जहां पूर्व में त्योहारों के दौरान विवाद, हिंसा या कानून-व्यवस्था की समस्या सामने आ चुकी है। ऐसे मामलों से जुड़े उपद्रवी तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही लंबित गिरफ्तारी वारंट और कुर्की के आदेशों की भी समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
आईजी अभियान सह पुलिस प्रवक्ता नरेंद्र सिंह के अनुसार, दुर्गा पूजा के दौरान अतिरिक्त केंद्रीय बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। छह कंपनी सीआरपीएफ की मांग की गई है, जबकि कुल आठ कंपनी अतिरिक्त केंद्रीय बल के लिए गृह मंत्रालय से अनुरोध किया गया है। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
पुलिस की रणनीति स्पष्ट है कि भीड़ बढ़ने से पहले निगरानी, तनाव की स्थिति बनने से पहले हस्तक्षेप और किसी भी घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाए। दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पुलिस से लेकर केंद्रीय बलों तक को समन्वित तरीके से तैनात करने की तैयारी की जा रही है।
