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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर महागठबंधन में सीट बंटवारे पर बनी सहमति, झामुमो को 12 सीटों की संभावना

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रांची-

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर महागठबंधन ने सीट बंटवारे पर सहमति बना ली है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पर अंतिम मुहर लगाई है। इस बीच, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने 16 विधानसभा सीटों पर अपनी दावेदारी रखी थी। झामुमो की बिहार इकाई ने प्रस्ताव भेजा था कि पार्टी 16 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि अब संभावना है कि झामुमो कम से कम 12 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरेगी। हाल ही में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के समापन कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री और झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन भी मौजूद रहे। पटना प्रवास के दौरान उन्होंने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की, जिसमें सीट बंटवारे की चर्चा भी हुई। झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता और केंद्रीय समिति सदस्य मनोज पांडेय ने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में झामुमो की हिस्सेदारी तय हो गई है। उन्होंने कहा, हमारी राजनीतिक क्षमता के अनुसार मान-सम्मान मिलेगा। हमने 12 सीटों की सूची सौंपी है, जिनमें से 8 पर हमारा मजबूत जनाधार है। सीट शेयरिंग पर सकारात्मक बातें हुई हैं, अब सिर्फ आधिकारिक घोषणा बाकी है। इस सहमति के बाद महागठबंधन बिहार में अपने उम्मीदवारों की अंतिम सूची जल्द ही जारी कर सकता है।

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राज्य प्रभारी
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हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार हैं जो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की और पिछले वर्षों में झारखंड के सामाजिक राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन एवं रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में हंसराज झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 और क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र रूप से लेखन कर रहे हैं। इसके साथ ही वह झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दों सामाजिक न्याय लोकतांत्रिक विमर्श और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। आदिवासी समुदायों से संबंधित मुद्दों पर उन्होंने जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है और समुदाय के बीच जाकर उनके सामाजिक सरोकारों चुनौतियों और स्थानीय परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया है। प्रत्यक्ष अनुभव और स्थानीय संदर्भों को अपनी रिपोर्टिंग में शामिल करना उनकी पत्रकारिता की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। हंसराज को राजनीतिक संवाद और मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी कार्य करने का अनुभव है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की भूमिका केवल सूचना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को सामने लाना और उन्हें व्यापक सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाना भी पत्रकार की जिम्मेदारी है।शैक्षणिक रूप से हंसराज रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का मेल उनके लेखन को विषय की समझ और भाषा दोनों स्तरों पर मजबूती प्रदान करता है।हजारीबाग जिले के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं। वह पत्रकारिता और स्वतंत्र लेखन के माध्यम से झारखंड के जमीनी मुद्दों सामाजिक बदलाव और जनसरोकार से जुड़े विषयों को लगातार सामने ला रहे हैं।
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