बैजनाथ प्रजापति के निधन से समाज को अपूरणीय क्षति, महासंघ ने परिजनों को हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा
अजय प्रजापति ने झारखंड सरकार से परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी एवं प्रतिमा स्थापित करने की रखी मांग
हजारीबाग
झारखंड प्रजापति (कुम्हार) महासंघ के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों ने सड़क दुर्घटना में असमय जान गंवाने वाले इचाक प्रखंड के रतनपुर गांव निवासी बैजनाथ प्रजापति के परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। महासंघ के पदाधिकारी एवं समाज के दर्जनों लोग उनके श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल हुए और शोक संतप्त परिवार को ढांढ़स बंधाया। इस दौरान महासंघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय प्रजापति ने झारखंड सरकार से दिवंगत बैजनाथ प्रजापति की स्मृति में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग की। साथ ही उनके परिवार की आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा को देखते हुए परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई। प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष देवनारायण प्रजापति, प्रदेश महामंत्री ईश्वर चंद्र प्रजापति, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय प्रजापति, प्रदेश प्रवक्ता विक्रम महतो एवं पूर्व विधायक योगेश्वर महतो (बाटुल) सहित कई पदाधिकारी शामिल थे। सभी ने परिजनों से मुलाकात कर इस दुख की घड़ी में हरसंभव सहयोग करने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर पदाधिकारियों ने कहा कि बैजनाथ प्रजापति एक संघर्षशील, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार पुलिस पदाधिकारी थे। अपने सौम्य व्यवहार और कार्य के प्रति समर्पण के कारण वे सभी के बीच लोकप्रिय थे। ड्यूटी के दौरान सड़क दुर्घटना में उनका असमय निधन पूरे प्रजापति समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान और कर्तव्यनिष्ठा को समाज हमेशा याद रखेगा। प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय प्रजापति ने कहा कि बैजनाथ प्रजापति ने पुलिस विभाग में रहते हुए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। ऐसे कर्तव्यनिष्ठ पदाधिकारी को खोना समाज और परिवार दोनों के लिए बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि दिवंगत की यादों को संजोए रखने के लिए उनकी प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। वहीं, परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उनके आश्रित परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए, ताकि परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैजनाथ प्रजापति पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित टांटानगर थाना में पदस्थापित थे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनकी ड्यूटी नेमरा में लगाई गई थी। इसी दौरान वे सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सदर अस्पताल रामगढ़ पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए वेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, रविवार की सुबह इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बैजनाथ प्रजापति अपने पीछे पत्नी डोमनी देवी, माता कौशल्या देवी, पुत्र धर्मेंद्र उर्फ मंटू कुमार और पुत्री रूपा कुमारी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ पूरे प्रजापति समाज में शोक की लहर है। महासंघ के पदाधिकारियों ने परिजनों की पीड़ा साझा करते हुए उन्हें धैर्य बनाए रखने की अपील की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। मौके पर हजारीबाग जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार, जिला कोषाध्यक्ष वीरेंद्र प्रजापति, संरक्षक सुखदेव प्रजापति, विष्णु प्रजापति, अर्जुन प्रजापति, बैद्यनाथ प्रजापति, प्रखंड अध्यक्ष जयशंकर प्रजापति, बालेश्वर प्रजापति, उमेश प्रजापति, कृष्ण प्रजापति, अखिलेश प्रजापति, कमल प्रजापति, मिथिलेश प्रजापति, नायखाप पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि पंकज प्रजापति, राजेश प्रजापति एवं खेमलाल प्रजापति सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

