गुमला में रफ्तार का कहर! अज्ञात ट्रक ने स्कूटी सवार दो युवकों को कुचला, मौके पर मौत, शादी से पहले उजड़ गई खुशियां
नवडीहा पेट्रोल पंप के पास भीषण हादसा, टक्कर मारकर फरार हुआ ट्रक चालक, 24 अक्टूबर को दुर्गेश का होना था तिलक, दो दिनों में सड़क हादसों में तीन युवकों की मौत से भड़का आक्रोश
गुमला-
झारखंड के गुमला जिले में तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। घाघरा थाना क्षेत्र के नवडीहा पेट्रोल पंप के समीप मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में स्कूटी सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। विपरीत दिशा से आ रहे एक अज्ञात तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया।
इस घटना ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। मृतकों की पहचान घाघरा निवासी राज लोहरा और टांगर सिकवार निवासी दुर्गेश ठाकुर के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा है, वहीं लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मोड़ पर मौत बनकर आया ट्रक, पलक झपकते खत्म हो गई दो जिंदगियां
ग्रामीणों के अनुसार, दोनों युवक स्कूटी से घाघरा से नवडीहा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान नवडीहा पेट्रोल पंप के समीप मोड़ पर विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
दुर्घटना के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही घाघरा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस अब फरार ट्रक और उसके चालक की पहचान करने में जुटी है।
शादी की तैयारी के बीच मातम, 24 अक्टूबर को होना था दुर्गेश का तिलक
इस हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह है कि दोनों युवकों की कुछ महीने बाद शादी होने वाली थी। परिवार में नई जिंदगी की शुरुआत को लेकर खुशियां आने वाली थीं, लेकिन एक सड़क हादसे ने सब कुछ उजाड़ दिया।
ग्रामीणों के मुताबिक, 24 अक्टूबर को दुर्गेश ठाकुर का तिलक होना था। घर में शादी की तैयारियों और खुशियों का माहौल बनने वाला था, लेकिन अब उसी घर में मातम पसरा है। जिस युवक के सिर पर जल्द ही सेहरा सजने वाला था, उसकी मौत की खबर ने परिजनों को तोड़कर रख दिया है।
बॉक्साइट ट्रक पर शक, तेज रफ्तार को लेकर ग्रामीणों में उबाल
हादसे के बाद ग्रामीणों ने आशंका जताई कि दुर्घटना को अंजाम देने वाला वाहन बॉक्साइट ट्रक हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक ट्रक की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बॉक्साइट ट्रकों का परिचालन तेज रफ्तार से हो रहा है। रात के समय कई चालक कथित तौर पर नशे की हालत में वाहन चलाते हैं। कुछ मामलों में खलासियों के ट्रक चलाने की भी शिकायतें सामने आती रही हैं।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि भारी वाहनों की गति और चालकों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जाए, तो कई हादसों को रोका जा सकता है। लोगों ने प्रशासन से बॉक्साइट ट्रकों की नियमित जांच करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दो दिनों में तीन युवकों की मौत, आखिर कब जागेगा प्रशासन?
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में तीन युवकों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने लोगों को चिंतित कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के नाम पर केवल दोपहिया वाहन चालकों की हेलमेट जांच करना पर्याप्त नहीं है। भारी वाहनों की भी नियमित जांच जरूरी है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि बॉक्साइट ट्रकों के कागजात, चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और नशे की हालत में वाहन चलाने की जांच की जाए। तेज रफ्तार से चलने वाले भारी वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार की खुशियां इस तरह न उजड़ें।
उपायुक्त से जांच की मांग, पुलिस कर रही ट्रक की तलाश
ग्रामीणों ने उपायुक्त गुमला से क्षेत्र में चलने वाले भारी वाहनों और बॉक्साइट ट्रकों की नियमित जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर सख्ती नहीं होगी, तब तक सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा।
घटना की पुष्टि करते हुए एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और ट्रक की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ लगातार वाहन जांच अभियान भी चलाया जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दो युवकों की जान लेने वाला ट्रक कब पकड़ा जाएगा और क्षेत्र में तेज रफ्तार भारी वाहनों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन कब ठोस कदम उठाएगा? फिलहाल, दो परिवारों की खुशियां मातम में बदल चुकी हैं और ग्रामीण दोषी चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
