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दुर्गा पूजा में झारखंड पुलिस अलर्ट! रांची से चाईबासा तक उतरेगा अतिरिक्त लाठी बल, उपद्रवियों पर रहेगी पैनी नजर

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दुर्गा पूजा में झारखंड पुलिस अलर्ट! रांची से चाईबासा तक उतरेगा अतिरिक्त लाठी बल, उपद्रवियों पर रहेगी पैनी नजर

 

14 से 23 अक्टूबर तक सुरक्षा का सख्त पहरा, छह क्षेत्रों में जवानों की तैनाती, किसी भी गड़बड़ी और आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पुलिस मुख्यालय ने तैयार किया सुरक्षा प्लान

 

रांची। डेस्क-

 

दुर्गा पूजा के दौरान झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। पूजा पंडालों में उमड़ने वाली भीड़, प्रमुख चौक-चौराहों पर बढ़ने वाली चहल-पहल और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस मुख्यालय ने संशोधित आदेश जारी कर 14 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है। इस दौरान रांची से लेकर पलामू, बोकारो, हजारीबाग, दुमका और चाईबासा तक अतिरिक्त जवान तैनात रहेंगे।

 

पुलिस मुख्यालय के इस कदम को दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने की तैयारियों के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशिक्षित लाठी बल के साथ रिजर्व जवानों को भी तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

 

छह क्षेत्रों में अतिरिक्त बल, सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

 

पुलिस मुख्यालय के संशोधित आदेश के मुताबिक, अलग-अलग क्षेत्रों में झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप) और एसआईआरबी के जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

 

रांची-जैप-6 के 50 प्रशिक्षित लाठी बल की तैनाती।

 

पलामू- जैप-1 के 50 लाठी बल प्रतिनियुक्त।

 

बोकारो-जैप-6 के 50 प्रशिक्षित लाठी बल तैनात।

 

हजारीबाग- एसआईआरबी-2 के 50 लाठी बल की प्रतिनियुक्ति।

 

दुमका- जैप-1 की आरएपी-5 कंपनी अस्थायी कैंप के साथ तैनात।

 

चाईबासा- जैप-6 के 50 प्रशिक्षित लाठी बल की तैनाती।

 

 

इस अतिरिक्त व्यवस्था का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की उपलब्धता बढ़ाना और जरूरत के समय त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

 

मुख्यालय में भी 50 जवान रिजर्व, जरूरत पर तत्काल होंगे तैनात

 

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस मुख्यालय, रांची के नियंत्रण में 50 मुख्यालय लाठी बल को रिजर्व में रखा गया है। इन जवानों का अस्थायी कैंप डोरंडा स्थित जैप-1 परिसर में निर्धारित किया गया है।

 

आदेश के अनुसार, प्रतिनियुक्त जवान 14 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेंगे। जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल विधि-व्यवस्था बनाए रखने और आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए किया जा सकेगा।

 

पूजा पंडालों से संवेदनशील इलाकों तक रहेगी चुनौती

 

दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों, प्रमुख बाजारों, चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बनाए रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में अतिरिक्त बल की तैनाती से पुलिस प्रशासन को भीड़ नियंत्रण और आपात परिस्थितियों से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है।

 

फिलहाल पुलिस मुख्यालय ने अतिरिक्त बल की प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी किया है। इससे पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती देने की तैयारी साफ दिखाई दे रही है। हालांकि, किसी विशेष क्षेत्र में खतरे या उपद्रव की आशंका को लेकर आदेश में अलग से कोई जानकारी नहीं दी गई है।

 

अब नजर इस बात पर रहेगी कि दुर्गा पूजा के दौरान पुलिस की यह अतिरिक्त तैनाती जमीन पर सुरक्षा व्यवस्था को कितना मजबूत बनाती है और श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना का अवसर कैसे मिलता है।

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राज्य प्रभारी
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हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार, स्तंभकार एवं मीडिया कम्युनिकेशन से जुड़े पेशेवर हैं। वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हंसराज ने अपने करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की। बीते वर्षों में उन्होंने झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन, रिपोर्टिंग और ग्राउंड कवरेज किया है।उन्होंने विभिन्न चुनावों की प्रत्यक्ष एवं जमीनी रिपोर्टिंग करते हुए चुनावी माहौल, जनमत, स्थानीय मुद्दों, राजनीतिक गतिविधियों और मतदाताओं के बीच जाकर रिपोर्टिंग का अनुभव हासिल किया है। क्षेत्रीय राजनीति और जनसरोकार के मुद्दों पर उनकी रिपोर्टिंग में स्थानीय परिस्थितियों और प्रत्यक्ष अनुभवों को विशेष महत्व मिलता है। वर्तमान में वे झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 एवं क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र लेखन एवं रिपोर्टिंग कर रहे हैं। साथ ही झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में संपादकीय एवं संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दे, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक विमर्श, आदिवासी समाज, राजनीति और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। राजनीतिक संवाद एवं मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। शैक्षणिक रूप से हंसराज वर्तमान में रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। साहित्यिक अध्ययन और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का समन्वय उनके लेखन को विषयगत समझ, सामाजिक संवेदना और प्रभावी भाषा प्रदान करता है। हजारीबाग के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं और स्वतंत्र पत्रकारिता के माध्यम से झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़े विषयों को व्यापक विमर्श तक पहुंचाने के लिए सक्रिय हैं।
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