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स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर पूर्व मंत्री का करारा जवाब

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रांची-

रांची में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के बयान पर पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने करारा पलटवार किया है भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान भानु प्रताप शाही ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि रिनपास में चल रहे कार्यक्रम के दौरान इरफान अंसारी को वहीं छोड़ दिया जाए ताकि उनका समुचित इलाज वहीं हो सके। भानु प्रताप शाही ने आरोप लगाया कि जब से इरफान अंसारी स्वास्थ्य मंत्री बने हैं तब से स्वास्थ्य विभाग अस्वस्थ हो गया है उनका कहना है कि इरफान अंसारी अपने विभाग में कम और दूसरे विभागों में ज्यादा ताक-झांक कर रहे हैं जिसकी वजह से विभाग बीमार पड़ा है उन्होंने कहा कि आज एम्बुलेंस मरीजों को नहीं मिल रही हैं और खटिया पर लोग आ रहे हैं जबकि इरफान अंसारी बिहार में राहुल गांधी के साथ घूम रहे हैं उन्होंने रिम्स की स्थिति पर भी सवाल उठाया और कहा कि रिम्स को सुधारने की बजाय केवल रिम्स टू बनाने की बातें हो रही हैं मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी, दवा और डॉक्टर नहीं हैं लेकिन इरफान अंसारी को इसकी कोई चिंता नहीं है पूर्व मंत्री ने कहा कि जनता अब इरफान अंसारी के कार्यकलाप को देख रही है और इसलिए उन्हें स्वास्थ्य मंत्री के बजाय हास्य कलाकार के रूप में देखने लगी है भानु प्रताप शाही ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा उन्हें उत्तर प्रदेश भेजे जाने के बयान पर उन्होंने पलटवार किया और कहा कि उनका परिवार मुगलों से लड़ाई लड़ने वाला और पुराना राजनीतिक परिवार है उन्होंने इशारा किया कि उनके परिवार जितना पुराना है उतनी ही पुरानी उनकी राजनीति भी है और जब फुरकान चाचा को लूंगी पहनना भी नहीं आता था उनके पिताजी बिहार विधानसभा में विधायक थे और जब इरफान अंसारी गुल्ली-डंडा खेल रहे थे तब वह स्वयं मंत्री थे इसलिए इरफान अंसारी उनसे क्या बात करेंगे। पूर्व मंत्री ने इरफान अंसारी को चुनौती भी दी और कहा कि उन्हें कभी और कहीं भी बुला लें वे निपटने के लिए तैयार हैं उन्होंने कहा कि पहले नवादा उससे पहले बांग्लादेश और उससे पहले इरान से आने वाला आदमी झारखंडी को क्या चुनौती देगा उन्होंने कहा कि जितना दिन मंत्री बने रहना है रह लें उन्हें तो लगता है कि कांग्रेसी ही उन्हें धक्का देकर बाहर कर देंगे

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राज्य प्रभारी
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हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार हैं जो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की और पिछले वर्षों में झारखंड के सामाजिक राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन एवं रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में हंसराज झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 और क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र रूप से लेखन कर रहे हैं। इसके साथ ही वह झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दों सामाजिक न्याय लोकतांत्रिक विमर्श और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। आदिवासी समुदायों से संबंधित मुद्दों पर उन्होंने जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है और समुदाय के बीच जाकर उनके सामाजिक सरोकारों चुनौतियों और स्थानीय परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया है। प्रत्यक्ष अनुभव और स्थानीय संदर्भों को अपनी रिपोर्टिंग में शामिल करना उनकी पत्रकारिता की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। हंसराज को राजनीतिक संवाद और मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी कार्य करने का अनुभव है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की भूमिका केवल सूचना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को सामने लाना और उन्हें व्यापक सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाना भी पत्रकार की जिम्मेदारी है।शैक्षणिक रूप से हंसराज रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का मेल उनके लेखन को विषय की समझ और भाषा दोनों स्तरों पर मजबूती प्रदान करता है।हजारीबाग जिले के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं। वह पत्रकारिता और स्वतंत्र लेखन के माध्यम से झारखंड के जमीनी मुद्दों सामाजिक बदलाव और जनसरोकार से जुड़े विषयों को लगातार सामने ला रहे हैं।
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