Ad image

ब्रेकिंग न्यूज़ : झारखंड में राज्य विश्वविद्यालय विधेयक-2025 पर बवाल, एबीवीपी का तीखा विरोध

2 Min Read
WhatsApp Group Join Now

रांची-

झारखंड विधानसभा में पारित राज्य विश्वविद्यालय विधेयक-2025 ने राज्य की छात्र राजनीति में भूचाल ला दिया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इसे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमला और छात्रों के अधिकारों की अवहेलना बताते हुए सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है। एबीवीपी प्रदेश मंत्री मनोज सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार इस विधेयक के ज़रिए उच्च शिक्षा संस्थानों को अपनी कठपुतली बनाना चाहती है। कुलपति और प्रति कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया को राजनीतिक नियंत्रण में लाना लोकतंत्र की हत्या है। यह छात्रों की आवाज़ दबाने और विश्वविद्यालयों को सरकार की मोहताज़ बनाने की साजिश है। छात्र संगठन का आरोप है कि पहले ही झारखंड में शिक्षा व्यवस्था अव्यवस्था की शिकार है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और झारखंड अकादमिक काउंसिल (JAC) पर आए दिन पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और नियुक्ति में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। ऐसे हालात में विश्वविद्यालयों पर सरकारी पकड़ और कड़ी कर देना छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। एबीवीपी ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इस विधेयक को वापस नहीं लिया तो राज्यभर में उग्र आंदोलन होगा। परिषद ने कहा कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही अपनी आवाज़ बुलंद कर सकते हैं, लेकिन सरकार छात्रसंघ चुनावों को दरकिनार कर लोकतंत्र का गला घोंट रही है। अब सबकी नज़र सरकार की अगली रणनीति और छात्र संगठनों की संभावित सड़क की लड़ाई पर है। शिक्षा के मुद्दे पर खड़ा हुआ यह टकराव आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति को और गरमा सकता है।

Share This Article
राज्य प्रभारी
Follow:
हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार हैं जो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की और पिछले वर्षों में झारखंड के सामाजिक राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन एवं रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में हंसराज झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 और क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र रूप से लेखन कर रहे हैं। इसके साथ ही वह झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दों सामाजिक न्याय लोकतांत्रिक विमर्श और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। आदिवासी समुदायों से संबंधित मुद्दों पर उन्होंने जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है और समुदाय के बीच जाकर उनके सामाजिक सरोकारों चुनौतियों और स्थानीय परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया है। प्रत्यक्ष अनुभव और स्थानीय संदर्भों को अपनी रिपोर्टिंग में शामिल करना उनकी पत्रकारिता की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। हंसराज को राजनीतिक संवाद और मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी कार्य करने का अनुभव है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की भूमिका केवल सूचना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को सामने लाना और उन्हें व्यापक सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाना भी पत्रकार की जिम्मेदारी है।शैक्षणिक रूप से हंसराज रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का मेल उनके लेखन को विषय की समझ और भाषा दोनों स्तरों पर मजबूती प्रदान करता है।हजारीबाग जिले के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं। वह पत्रकारिता और स्वतंत्र लेखन के माध्यम से झारखंड के जमीनी मुद्दों सामाजिक बदलाव और जनसरोकार से जुड़े विषयों को लगातार सामने ला रहे हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *