रांची में ऑटो किराये की मनमानी! यात्रियों से हो रही अवैध वसूली, DTO से मार्गवार किराया तय करने की मांग
आदित्य ओहदार
रांची। राजधानी रांची में ऑटो से सफर करने वाले यात्रियों को किराये को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि कई ऑटो चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। खासकर रोजाना कार्यालय, शिक्षण संस्थानों, बाजार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए ऑटो से आवागमन करने वाले यात्रियों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है।
यात्रियों का कहना है कि शहर के विभिन्न मार्गों पर किराये की स्पष्ट दरें निर्धारित नहीं होने के कारण कई बार ऑटो चालकों और यात्रियों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। निर्धारित किराये की जानकारी उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों को यह समझने में भी परेशानी होती है कि उनसे लिया जा रहा किराया उचित है या नहीं। ऐसे में राजधानी में ऑटो किराये की पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
इस समस्या के समाधान के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) से मांग की जा रही है कि रांची में परिचालित ऑटो और टेंपो के लिए मार्गवार किराया निर्धारित किया जाए। साथ ही सभी ऑटो-टेंपो में निर्धारित किराये का रेट चार्ट लगाना अनिवार्य किया जाए। रेट चार्ट में प्रमुख मार्गों और स्टॉपेज के अनुसार किराये की स्पष्ट जानकारी दर्ज होनी चाहिए, ताकि यात्री सफर शुरू करने से पहले ही अपने गंतव्य तक का किराया जान सकें। इससे किराये को लेकर होने वाले विवादों में कमी आएगी और मनमानी वसूली पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।
राजधानी में सार्वजनिक परिवहन आम लोगों की दैनिक जरूरतों का अहम हिस्सा है। ऐसे में किराये को लेकर स्पष्ट नियमों और उनकी जानकारी का अभाव यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। यात्रियों की मांग है कि परिवहन विभाग निर्धारित किराये को सार्वजनिक करने के साथ ही तय दरों से अधिक वसूली की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाए। प्रमुख ऑटो स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर भी किराया सूची प्रदर्शित की जानी चाहिए, ताकि यात्रियों को किराये की जानकारी आसानी से मिल सके।
यदि जिला परिवहन विभाग मार्गवार किराया निर्धारित कर सभी ऑटो-टेंपो में रेट चार्ट लगाने की व्यवस्था लागू करता है, तो इससे यात्रियों को राहत मिलने के साथ ही ऑटो परिचालन में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। अब देखना होगा कि यात्रियों की इस समस्या को देखते हुए परिवहन विभाग इस दिशा में कब तक ठोस पहल करता है।

