कटकमसांडी में डिग्री कॉलेज की मांग तेज, युवाओं ने फूंका संघर्ष का बिगुल
18 पंचायतों और 82 गांवों के विद्यार्थियों की परेशानी को लेकर बनी संघर्ष समिति, विजय सिंह भोगता अध्यक्ष तो एडवोकेट कृष्णा कुमार को मिली वरिष्ठ महासचिव की जिम्मेदारी
हजारीबाग।
हंसराज चौरसिया।
कटकमसांडी प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। उच्च शिक्षा की सुविधा से वंचित क्षेत्र के विद्यार्थियों की परेशानी को लेकर युवाओं ने संगठित होकर संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। शनिवार, 24 अक्टूबर को प्रखंड मुख्यालय स्थित स्टेडियम में सैकड़ों युवाओं की मौजूदगी में आयोजित बैठक में ‘कटकमसांडी संघर्ष समिति’ का गठन किया गया। बैठक में डिग्री कॉलेज की स्थापना को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए क्षेत्र की अन्य बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए भी सामूहिक संघर्ष करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कटकमसांडी प्रखंड की 18 पंचायतों और 82 गांवों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को दूसरे क्षेत्रों में जाकर पढ़ाई करनी पड़ती है। इससे विशेष रूप से गरीब, मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। दूरी, आवागमन का खर्च और अन्य परेशानियां कई विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा में बाधा बनती हैं। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा की बेहतर व्यवस्था करना समय की मांग है। इसके लिए प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को मजबूती से उठाया जाएगा।
बैठक में सर्वसम्मति से पूर्व जिला परिषद सदस्य (पश्चिमी) विजय सिंह भोगता को कटकमसांडी संघर्ष समिति का अध्यक्ष चुना गया। एडवोकेट कृष्णा कुमार, जिला अध्यक्ष, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम), हजारीबाग को वरिष्ठ महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के जिला अध्यक्ष हिरमान यादव उर्फ चरका यादव को उपाध्यक्ष बनाया गया। डांड पंचायत के मुखिया इरशाद अंसारी को महासचिव, शाहपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि पप्पू कुमार यादव को सचिव तथा संदीप जी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा बबलू जी को भी उपाध्यक्ष बनाया गया। बैठक में उपस्थित युवाओं ने समिति के माध्यम से क्षेत्र की समस्याओं को संगठित रूप से उठाने और मांगों को लेकर एकजुट रहने का संकल्प लिया।
संघर्ष समिति केवल डिग्री कॉलेज की स्थापना तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कटकमसांडी प्रखंड में सड़क, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाएगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि क्षेत्र की समस्याओं को संबंधित जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा। मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में जनसमर्थन जुटाकर चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा। युवाओं का मानना है कि समिति के गठन से क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को एक संगठित मंच मिलेगा और विकास से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने में मदद मिलेगी।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा किसी भी क्षेत्र के विकास की बुनियाद है और कटकमसांडी के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है। समिति का उद्देश्य राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर क्षेत्र के विकास, विद्यार्थियों के भविष्य और आम जनता की बुनियादी जरूरतों के लिए आवाज बुलंद करना है। अब देखना होगा कि डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर गठित यह संघर्ष समिति प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक अपनी आवाज कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचा पाती है।

