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कोनबीर में दशमी पर सजा नागपुरी संस्कृति का रंगमंच, 30 हजार से अधिक लोगों की उमड़ी भीड़! डीएसपी और सब-इंस्पेक्टर ने किया भव्य उद्घाटन

बसिया के कोनबीर अपर चौक स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में दशमी पर सजा नागपुरी संस्कृति का भव्य मंच, आयोजकों के अनुसार 30 हजार से अधिक लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। बसिया अनुमंडल के डीएसपी और सब-इंस्पेक्टर ने संयुक्त रूप से किया उद्घाटन, धार्मिक आस्था और नागपुरी लोकसंस्कृति के संगम ने उत्सव में लगाए चार चांद।

हंसराज चौरसिया
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कोनबीर में दशमी पर सजा नागपुरी संस्कृति का रंगमंच, 30 हजार से अधिक लोगों की उमड़ी भीड़! डीएसपी और सब-इंस्पेक्टर ने किया भव्य उद्घाटन

 

आदित्य ओहदार |

 

बसिया। बसिया प्रखंड के कोनबीर अपर चौक स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में दशमी के पावन अवसर पर नागपुरी संस्कृति का भव्य रंग देखने को मिला। कोनबीर दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम में रिकॉर्ड भीड़ उमड़ने का दावा किया गया। आयोजन में 30 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई। श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी मौजूदगी से पूरा क्षेत्र उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। मां दुर्गा के प्रति आस्था, नागपुरी गीत-संगीत का आकर्षण और दशहरा पर्व का उल्लास मिलकर कार्यक्रम को खास बनाते दिखे।

 

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बसिया अनुमंडल के डीएसपी एवं बसिया प्रखंड के सब-इंस्पेक्टर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। अतिथियों की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौरान आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। दशमी के अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या ने कोनबीर को एक बार फिर धार्मिक आस्था और स्थानीय संस्कृति के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया।

 

 

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30 हजार से अधिक लोगों की मौजूदगी से आयोजन की बढ़ी रौनक

 

नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह रहा। कार्यक्रम में 30 हजार से अधिक लोगों की भीड़ जुटने की जानकारी सामने आई, जिसे आयोजकों ने रिकॉर्ड भीड़ बताया। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने आयोजन की रौनक बढ़ा दी। कोनबीर और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे दर्शकों के बीच कार्यक्रम को लेकर उत्सुकता बनी रही।

 

दशमी के दिन दुर्गा पूजा के दर्शन और उत्सव का आनंद लेने के साथ लोगों को नागपुरी संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिला। कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ ने आयोजन के प्रति लोगों की दिलचस्पी को दर्शाया। हालांकि, भीड़ का आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं होने के कारण 30 हजार से अधिक की संख्या को आयोजकों की ओर से दी गई जानकारी के रूप में देखा जाना चाहिए।

 

नागपुरी संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा देने की पहल

 

झारखंड की पहचान यहां की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक गीत-संगीत और स्थानीय कलाओं से जुड़ी हुई है। नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम इसी विरासत को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का मंच मिलता है और नई पीढ़ी को अपनी भाषा, परंपरा तथा सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ने का अवसर मिलता है।

 

कोनबीर दुर्गा पूजा समिति की ओर से प्रत्येक वर्ष मां दुर्गा की पूजा के साथ विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दशमी के दिन नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम ने धार्मिक उत्सव के साथ क्षेत्रीय संस्कृति के महत्व को भी रेखांकित किया।

 

धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक उत्सव का संगम

 

दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों को एक साथ आने, अपनी परंपराओं को साझा करने और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का अवसर देते हैं। कोनबीर में आयोजित नागपुरी कार्यक्रम भी इसी भावना से जुड़ा रहा।

 

कोनबीर अपर चौक स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में दशमी के अवसर पर लोगों की भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया। मां दुर्गा की आराधना के बीच नागपुरी संस्कृति के मंचन ने उत्सव में चार चांद लगा दिए। स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजन सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

समिति के आयोजन से क्षेत्र में उत्सव का माहौल

 

कोनबीर दुर्गा पूजा समिति द्वारा दुर्गा पूजा के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी महत्व दिया जाता है। इसका उद्देश्य पूजा को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए स्थानीय कला, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता को भी प्रोत्साहित करना है।

 

दशमी के दिन आयोजित नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम ने क्षेत्र में उत्सव का माहौल और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम के उद्घाटन में बसिया अनुमंडल के डीएसपी और बसिया प्रखंड के सब-इंस्पेक्टर की उपस्थिति भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता के बीच संपन्न इस आयोजन ने कोनबीर की दुर्गा पूजा के सांस्कृतिक पक्ष को प्रमुखता से सामने रखा।

 

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राज्य प्रभारी
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हंसराज चौरसिया स्वतंत्र पत्रकार, स्तंभकार एवं मीडिया कम्युनिकेशन से जुड़े पेशेवर हैं। वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हंसराज ने अपने करियर की शुरुआत स्वतंत्र प्रभात से की। बीते वर्षों में उन्होंने झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन, रिपोर्टिंग और ग्राउंड कवरेज किया है।उन्होंने विभिन्न चुनावों की प्रत्यक्ष एवं जमीनी रिपोर्टिंग करते हुए चुनावी माहौल, जनमत, स्थानीय मुद्दों, राजनीतिक गतिविधियों और मतदाताओं के बीच जाकर रिपोर्टिंग का अनुभव हासिल किया है। क्षेत्रीय राजनीति और जनसरोकार के मुद्दों पर उनकी रिपोर्टिंग में स्थानीय परिस्थितियों और प्रत्यक्ष अनुभवों को विशेष महत्व मिलता है। वर्तमान में वे झारखंड दर्शन, खबर मन्त्र, स्वतंत्र प्रभात, अमर भास्कर, झारखंड न्यूज़24 एवं क्राफ्ट समाचार सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्वतंत्र लेखन एवं रिपोर्टिंग कर रहे हैं। साथ ही झारखंड न्यूज़24 में राज्य प्रभारी के रूप में संपादकीय एवं संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस जमीनी मुद्दे, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक विमर्श, आदिवासी समाज, राजनीति और जनहित से जुड़े विषयों पर रहा है। राजनीतिक संवाद एवं मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में भी उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। शैक्षणिक रूप से हंसराज वर्तमान में रांची विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (2024–26) कर रहे हैं। साहित्यिक अध्ययन और पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव का समन्वय उनके लेखन को विषयगत समझ, सामाजिक संवेदना और प्रभावी भाषा प्रदान करता है। हजारीबाग के बरगड्डा गांव से आने वाले हंसराज वर्तमान में रांची में रहते हैं और स्वतंत्र पत्रकारिता के माध्यम से झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़े विषयों को व्यापक विमर्श तक पहुंचाने के लिए सक्रिय हैं।
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