बुढ़मू में बालू घाट पर अपराधियों का तांडव! हवाई फायरिंग के बाद JCB को लगाई आग, 70 हाइवा के पहिए थमे
लेवी के लिए दहशत फैलाने की आशंका, छापर बालू घाट पर देर रात वारदात से मचा हड़कंप; राहुल दुबे गैंग का नाम चर्चा में, पुलिस की आधिकारिक पुष्टि नहीं
रांची/बुढ़मू-
राजधानी रांची के बुढ़मू इलाके में सोमवार की रात छापर बालू घाट पर अपराधियों ने जमकर उत्पात मचाया। चार से छह की संख्या में पहुंचे अपराधियों ने पहले हवाई फायरिंग कर इलाके में दहशत फैलाई, फिर बालू घाट पर खड़ी जेसीबी मशीन को आग के हवाले कर दिया। देर रात हुई इस वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना का असर अब बालू कारोबार पर भी दिखने लगा है। सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता के बीच करीब 70 हाइवा का परिचालन ठप हो गया है।
फायरिंग से दहला बालू घाट, जेसीबी को बनाया निशाना
मिली जानकारी के अनुसार, छापर नदी से स्टॉक लाइसेंस के तहत बालू का उठाव किया जाता है। सोमवार की रात अचानक चार से छह अपराधी बालू घाट पर पहुंचे। वहां पहुंचते ही उन्होंने हवाई फायरिंग की और इसके बाद खड़ी जेसीबी मशीन में आग लगा दी। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधियों के वहां से निकल जाने की बात सामने आ रही है।
घटना के पीछे लेवी की मांग को वजह बताया जा रहा है। हालांकि, लेवी की मांग और वारदात के बीच संबंध को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
लेवी का दबाव या वर्चस्व की लड़ाई? उठ रहे सवाल
बालू घाट पर फायरिंग और मशीन में आग लगाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या बालू कारोबार से जुड़े लोगों पर लेवी देने का दबाव बनाया जा रहा था? क्या इस वारदात के जरिए इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने की कोशिश की गई? फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी है।
हालांकि, जिस तरह देर रात बालू घाट पर पहुंचकर फायरिंग की गई और मशीन को आग के हवाले किया गया, उससे कारोबारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
राहुल दुबे गैंग का नाम चर्चा में, पुष्टि बाकी
इस सनसनीखेज वारदात के बाद राहुल दुबे गैंग का नाम भी सामने आ रहा है। हालांकि, इस गैंग की संलिप्तता को लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल किसी गिरोह की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना के पीछे किन लोगों का हाथ है।
70 हाइवा के पहिए थमे, कारोबार पर सीधा असर
घटना के बाद छापर बालू घाट से जुड़े कारोबार पर असर पड़ा है। सुरक्षा की स्थिति को लेकर बनी चिंता के बीच करीब 70 हाइवा का परिचालन बंद हो गया है। इससे बालू के उठाव और परिवहन से जुड़े कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई है।
एक ओर जेसीबी मशीन में आग लगाए जाने से आर्थिक नुकसान हुआ है, तो दूसरी ओर वाहनों का परिचालन ठप होने से कारोबार भी प्रभावित हुआ है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बालू घाट पर सुरक्षा व्यवस्था कब सामान्य होगी और कारोबार दोबारा कब शुरू हो पाएगा।
दहशत के बीच कार्रवाई का इंतजार
छापर बालू घाट की इस घटना ने बुढ़मू क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और बालू कारोबार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हवाई फायरिंग और मशीन में आग लगाने जैसी वारदात से यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर कारोबारियों को सुरक्षा का भरोसा कैसे मिलेगा।
फिलहाल घटना के पीछे की वास्तविक वजह, लेवी की मांग की सच्चाई और कथित गिरोह की भूमिका की पुष्टि होना बाकी है। अब निगाहें पुलिस की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के बाद ही इस सनसनीखेज वारदात की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
