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खैरपाल बांग्ला क्लब में “भालोबासार कसाईखाना” बांग्ला नाटक का हुआ मंचन, उमड़ी भीड़
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खैरपाल बांग्ला क्लब में “भालोबासार कसाईखाना” बांग्ला नाटक का हुआ मंचन, उमड़ी भीड़दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर सप्तमी 17 अक्टूबर के रात में खैरपाल बांग्ला क्लब दुर्गा पंडाल में सामाजिक बांग्ला नाटक भालोबासार कसाईखाना, का सफल मंचन किया गया। बांग्ला नरक के माध्यम से बांग्ला भाषा और संस्कृति को बचाने का एक अच्छा पहल की बात कहते हुए समाजसेवी सह लेखक सुनील कुमार दे ने नाटक के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए प्रशंसा की।पहले पूजा एवं त्योहारों में सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता था जो आज आधुनिक एवं मोबाईल युग में असलील एवं असामाजिक कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया है जिस कारण सामाजिक गतिविधि कम हो रही है।परंतु इस जटिल स्थिति में आज भी कुछ कुछ गांव में सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।नाट्यकार काली किंकर मण्डल द्वारा रचित बांग्ला सामाजिक नाटक”भालोबासार कसाईखाना” का मंचन खैरपाल गांव में बिगत दिनांक 17 अक्टूबर को रात्रि 10.30 बजे किया गया।यह एक सामाजिक नाटक है जिसमें निम्न वर्ग परिवार के ऊपर उच्च वर्ग के लोग कैसे अत्याचार करते है, प्रलोभन देकर प्यार का अभिनय करके गरीव घर के नारी का जीवन कैसे बर्बाद कर देते है उसी का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया गया । इस बांग्ला नाटक के पुरुष चरित्र में गाँव के कलाकार द्विजेंद्र नाथ दास, सुजय पाल, पलटु पाल, त्रिनाथ पाल, अमृत दास, नन्दू पाल, मधु दास, राजकुमार साहू, मोहित पाल, रोहित पाल, सलील दास, शैलेन्द्र दास, बिट्टू पाल, बीर साव ने अभिनय किया. इसके अलावे स्त्री चरित्र में रितु राज ड्रेस हाउस के महिला कलाकारों ने अभिनय किया. संगीत में सुमन पाल और आकाश पाल ने सहयोग दिया. यात्रा में संगीत का सूर तथा ड्रेस और लाइट में ऋतुराज ड्रेस हाउस द्वारा प्रस्तुत की गई. नाटक में निर्देशक के रूप में विद्युत पाल तथा सह निर्देशक के रूप में तथा मंच संचालन पियुस कुमार पाल ,पिंटू पाल और शरत दास ने सहयोग दिया।बांग्ला नाटक की प्रस्तुति नव युवक गोष्ठी बांग्ला क्लब खैरपाल द्वारा की गई।नाटक देखने के लिए भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट

